अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
न्यायिक दंडाधिकारी आशीष कुमार शर्मा की अदालत ने घोड़ा फार्म रोड पर बिना लाइसेंस क्लीनिक चलाने वाले विनोद कुमार को तीन साल की कैद और 4250 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। सिविल लाइन पुलिस ने इस संबंध में 17 अप्रैल 2014 को केस दर्ज किया था।
अदालत में चले अभियोग के अनुसार ड्रग कंट्रोलर रजनीश कुमार धानीवाल ने डॉ. शिवकुमार कौशिक और डॉ. सुखबीर वर्मा के साथ घटना वाले दिन टीम समेत घोड़ा फार्म रोड पर बिशम बुध क्लीनिक में छापा मारा था। टीम ने वहां की तलाशी लेकर दवाएं बरामद की थीं। टीम के पूछने पर संचालक विनोद कुमार क्लीनिक चलाने संबंधी कोई मान्य दस्तावेज पेश नहीं कर पाया था, जबकि वह खुद को डॉक्टर के तौर पर प्रचारित करता था। उसके पास क्लीनिक चलाने संबंधी कोई मान्य डिग्री नहीं मिली थी। टीम ने दवाएं कब्जे में लेकर जांच का दायरा बढ़ा दिया था। स्वास्थ्य विभाग ने इस बारे में क्लीनिक संचालक के खिलाफ धारा 419 व 336 और भारतीय चिकित्सा परिषद अधिनियम के तहत केस दर्ज कराया था। अदालत ने मुकदमे की सुनवाई के बाद बिना लाइसेंस क्लीनिक चलाने वाले विनोद को दोषी माना और उसे तीन साल की कैद और 4250 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।