अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
जेब में आधार कार्ड होने के बावजूद हादसे में मौत के बाद सतबीर का शव तीन दिन तक शवगृह में लावारिस पड़ा रहा। परिजन तीन दिन से सभी रिश्तेदारियों में खोजते रहे। सोशल मीडिया पर फोटो वायरल होने के बाद परिजन हिसार पहुंचे। परिजनों ने हंगामा किया तो वीरवार रात आठ बजे के बाद पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंपा गया।
गांव डांगरा निवासी 35 वर्षीय सतबीर मंगलवार देर शाम अपने रिश्तेदार के घर ढाणी प्रेम नगर जाने के लिए निकला था। सतबीर देर रात को बरवाला-टोहाना मार्ग पर पैदल जा रहा था तो किसी वाहन ने टक्कर मार दी। इससे गंभीर रूप से घायल सतबीर के सिर में काफी चोट आई। बुधवार सुबह किसी राहगीर ने सड़क पर खून से लथपथ पड़े सतबीर की फोटो अपने मोबाइल से क्लिक पर व्हाट्सएप पर डाल दी। साथ ही सतबीर की जेब से मिले आधार कार्ड की फोटो भी अपलोड कर दी। राहगीर ने एंबुलेंस को भी फोन किया। हिसार नागरिक अस्पताल की एंबुलेंस सतबीर को लेकर पहुंची तो उसकी मौत हो चुकी थी। शव को सिविल अस्पताल के शवगृह में रख दिया गया। आपातकाल विभाग में तैनात चिकित्सक ने सड़क हादसे में एक शव आने की जानकारी पुलिस कंट्रोल रूम को दी। यहां महिला पुलिसकर्मी ने पूछा कि हादसे की जगह बताएं। चिकित्सक ने कहा कि एंबुलेंस लेकर आई थी। एक्सीडेंट की सही जगह अभी पूछकर बता देेंगे। इसके बाद न तो चिकित्सक ने फोन कर जगह बताई, न ही कंट्रोल रूम ने दोबारा इस बारे में जानकारी मांगी। जेब में आधार कार्ड होने के बावजूद सतबीर का शव तीन दिन तक लावारिस पड़ा रहा। सतबीर के परिजन उसका फोटो लेकर फतेहाबाद, भूना, बरवाला सहित अन्य जगह उसे खोजते रहे। रिश्तेदारियों में भी इस बारे में जानकारी ली। इस बीच वीरवार को सड़क हादसे का फोटो वायरल हुआ तो किसी ने सतबीर के परिजनों को बताया। इसके बाद सतबीर के परिजन नागरिक अस्पताल हिसार पहुंचे। यहां एक चिकित्सक से पूछा तो उन्होंने इस तरह का एक्सीडेंट केस आने की बात से इनकार कर दिया।
हंगामा किया तो पीएमओ ने बना दी जांच कमेटी
देर शाम मृतक के भाई हवा सिंह, चाचा गिरधारी सहित अन्य पीएमओ से मिले। इन लोगों ने कहा कि तीन दिन से शव पड़ा है। अस्पताल कर्मियों ने इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी। ऐसे स्टाफ पर कार्रवाई की जाए। पीएमओ ने मीटिंग बुलाकर तुरंत पोस्टमार्टम के आदेश दिए। रात के समय ही पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को दिया। परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया। पीएमओ ने इस मामले में जांच कमेटी बना दी है। इसके बाद परिजन शव ले गए।
सुभाष बराला ने सुलझाया मामला
पीड़ित शव न लेने पर अड़े हुए थे। डांगरा के निवासी भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला के परिचित थे। इन लोगों ने भाजपा अध्यक्ष को फोन कर पूरी घटना की जानकारी दे दी। सुभाष बराला ने इन लोगों को समझाते हुए कहा कि शव ले लें। लापरवाह चिकित्सकों पर कार्रवाई होगी। इसके बाद परिजनों ने रात 9 बजे के बाद शव ले लिया।
एंबुलेंस चालक बोला, डिटेल लिख दी थी....
जांच में एंबुलेंस चालक ने बताया कि उन्होंने शव लाने के समय पूरी डिटेल रजिस्टर में दर्ज कर दी थी। मृतक की पहचान के बारे में उसे जानकारी नहीं थी।
फोटो 37.... फाइल फोटो ....
-सोशल मीडिया से मिली सूचना से अस्पताल तक पहुंचे परिजन
- जेब में आधार कार्ड होने के बाद भी परिजनों तक नहीं पहुंची सूचना
- परिजनों ने नागरिक अस्पताल में किया हंगामा
- सुभाष बराला के दखल के बाद परिजनों ने शव लिया