अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। सदर थाना पुलिस ने दिल्ली में छापेमारी करके केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान का रिश्तेदार बताकर नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी करने वाले हाई-प्रोफाइल ठग गजराज को गिरफ्तार किया है। पुलिस टीम ने जब उसको कार में दबोच लिया तो उसने शीशा तोड़कर भागने का प्रयास किया। आरोपी ने एफसीआई में एरिया मैनेजर लगवाने के नाम पर पंद्रह लाख की ठगी की थी।
आरोपी इतना हाई-प्रोफाइल है कि अपने साथ पीए व प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड भी रखता है। इसके अलावा वह जहां भी जाता है वहां पर खुद को वीआईपी बताकर पुलिस कंट्रोल रूम में वीटी करवा देता था। अपने साथ पुलिस की एक पायलट गाड़ी भी रखता था। आरोपी खुद के बारे में झूठी जानकारी देकर सरकारी रेस्ट हाउस में कमरा बुक करता था।
मामले में 12 अगस्त 2017 को सदर थाना पुलिस को दी शिकायत में सेक्टर-14 वासी केवल कृष्ण ने बताया कि वह भारतीय खाद्य निगम में ठेकेदार है। काम के दौरान उसकी मुलाकात केंद्रीय भैंस अनुसंधान परिसर स्थित बीपी सिंह के घर फरीदाबाद से आए सोनू से हुई। सोनू ने बताया कि उसका एक दोस्त गजराज सिंह है, एफसीआई बोर्ड का डायरेक्टर है। केंद्रीय खाद्य मंत्री रामबिलास पासवान से उसकी नजदीकी संबंध है। ठेकेदार ने बताया कि सोनू ने बीपी सिंह उसे विश्वास में लेकर दिल्ली खानपुर वासी गजराज सिंह से फोन पर बात करवा दी। 18 अप्रैल 2017 को गजराज सिंह हिसार में होटल एंपोरियम पर मिलने आया था। यहां उसकी मुलाकात गजराज सिंह से हुई। इस दौरान बीपी सिंह, सुनील, सुशील भी थे। गजराज सिंह ने 7-8 पद होने की बात कही थी। इसके बाद वह अपने भतीजे सुनील सुशील के साथ उसके घर गांव खानपुर दिल्ली में 21 अप्रैल 2017 को गए। यहां उसने एफसीआई में उसके एक भतीजे को एरिया मैनेजर के पद पर नियुक्ति दिलाने का वादा किया और 15 लाख की डिमांड की। विश्वास में आकर गजराज सिंह हिसार में 15 लाख रुपये दिए थे। इसके बाद आरोपी ने नौकरी के नाम पर टालमटोल करना शुरू कर दिया। जब वह पैसे मांगने उनके घर गया तो उसने उनको जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने इस मामले में सोनू व गजराज के खिलाफ केस दर्ज किया था।