फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गुरुकुल का हॉस्टल खाली, दो छात्राओं ने कटवाया नाम

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला न्यूज
विज्ञापन

हिसार। हांसी खंड के गांव स्थित गुरुकुल का छात्रावास वीरवार को पूरा खाली हो गया है। हॉस्टल में रही सभी 78 छात्राओं को एक-एक करके उनके पेरेंट्स ले जा चुके हैं। वीरवार को दो छात्राओं ने गुरुकुल से नाम भी कटवा लिया है। उधर, गांव की पंचायत वीरवार को डीसी से मिलने हिसार पहुंची, लेकिन डीसी और एडीसी के मौजूद न होने से उन्हें शुक्रवार को मिलने के लिए बुलाया गया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि मामले की दूसरी आरोपी प्राचार्य सुनीता शर्मा को जल्द गिरफ्तार किया जाए, वर्ना ग्रामीणों सड़कों पर उतर आएंगे।
कन्या गुरुकुल के संचालक कृष्णानंद की गिरफ्तारी के बाद कन्या गुरुकुल की कुल 335 छात्राओं में से बुधवार को 154 ही गुरुकुल में उपस्थित हुई थीं। वीरवार को यह आंकड़ा बढ़कर 203 हो गया। कन्या गुरुकुल में छेड़छाड़ का आरोप लगाने वाली छात्राओं के पेरेंट्स भी वीरवार को पहुंचे और दो छात्राओं ने नाम भी कटवा लिया। इस दौरान महिला थाना इंचार्ज कमलेश भी लड़कियों से फिर से पूछताछ करने गुरुकुल पहुंचीं। सुरक्षा की दृष्टि से गुरुकुल प्रवेश द्वार के पास हांसी सदर थाना से पुलिस बल तैनात है।
विज्ञापन

गुरुकुल की छात्राओं की पढ़ाई बाधित न हो, इसके चलते गांव की पंचायत वीरवार को डीसी और एडीसी से मिलने पहुंची। डीसी और एडीसी के मौके पर नहीं मिलने के चलते अधिकारियों ने उन्हें शुक्रवार को बुलाया। अब पंचायत इस मसले पर कल डीसी से मुलाकात करेगी। गांव के सरपंच ने कहा कि पंचायत पूरी व्यवस्था संभाले हुए हैं और स्थिति को बिगड़ने नहीं देगी। फाइनल एग्जाम में छह माह से भी कम समय बचा है। ऐसे में छात्राओं को परीक्षाओं की तैयारी भी करनी है, इसलिए पंचायत और ग्रामीण प्रशासन से मिलकर कन्या गुरुकुल को सरकार या प्रशासन के आधीन करने की बात रखेंगे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि आरोपी कृष्णानंद जेल में है, लेकिन प्राचार्या अभी फरार है। पुलिस प्रशासन प्राचार्या सुनीता शर्मा को जल्द गिरफ्तार करे, नहीं तो वे सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।
विज्ञापन


गुरुकुल की पुरानी समिति भंग करने की मांग
ग्रामीण और पंचायत गुरुकुल की पुरानी समिति भंग करने की बात कर रहे हैं। नए सिरे से गुरुकुल चलाने की जो बात सामने आई है, उसमें असमंजस की स्थिति यह बनी हुई है कि गुरुकुल की जो पुरानी ट्रस्ट है, उसका मालिक गुरुकुल का संचालक कृष्णानंद और आचार्य सुनीता ही हैं। ग्रामीणों के अनुसार गुरुकुल के बनने के समय इसका जो संविधान बनाया गया, उसके तहत इस प्रकार की (छेड़छाड़) स्थिति में भी गुरुकुल को यही लोग संचालित करेंगे। गुरुकुल का यही कानून ग्रामीणों की चिंता का विषय बना हुआ है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें