अमर उजाला ब्यूरो
सिवानी मंडी।
सेहर के व्यापारी पुत्र के अपहरण में राजस्थान की पुलिस ने हरियाणा के तीन बदमाशों को काबू किया है। इनमें से दो सिवानी क्षेत्र से हैं। पुलिस गिरफ्त में आया चैहड़ का अजय कुमार व्यापारी पीरदान के घर से पूरी तरह से वाकिफ रहा है। अजय अपने दूसरे साथी राकेश केडी के साथ दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करता था और धनवान बनने के सपने देखता था। तीनों आरोपी बहल व सिवानी क्षेत्र के गांव सेहर, मिठ्ठी तथा कालोद गांवों से संबंध रखते हैं।
उल्लेखनीय है कि क्षेत्र के गांव सेहर के व्यापारी पीरदान के पुत्र हर्षिल का छोटी दीवाली के दिन गांव से कुछ किलोमीटर दूरी पर रामपुरा रेलवे लाईनों के पास से पिस्तौल के बल पर अपहरण किया गया था। बदमाशों ने व्यापारी से 10 लाख की फिरौती की मांगी थी। अपहरण की सूचना के तुरंत बाद व्यापारी ढाणा जोगी के महंत केशवनाथ के पास पहुंचे तथा मदद की गुहार लगाई। महंत ने राजस्थान के पुलिस के उच्चाधिकारियों से संपर्क साधा तथा पहाड़ी निवासी समाजसेवी अक्षय पहाड़ी की टीम को घटना के बारे में जानकारी दी। युवाओं की टीम ने जान जोखिम में डालते हुए अपहरणकर्ताओं का पीछा किया तथा दीवाली के दिन रात्रि को दो बजे काबू किया तथा पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने भी तत्परता दिखाते हुए भागते बदमाशों को काबू किया।
गांव सेहर निवासी पीरदान राजस्थान के रामपुरा में अपना भवन निर्माण सामग्री का कारोबार चलाता है। छोटी दीवाली के दिन पीरदान का पुत्र हर्षिल मोटरसाइकिल से अपने गांव सेहर आ रहा था। इस दौरान रामपुरा में रेलवे स्टेशन के पास बैठे बदमाशों ने हर्षिल की कनपटी पर पिस्तौल रख दिया और अपनी कार में डाल लिया तथा दवा खिलाकर बेहोश कर दिया। इसके बाद वे अपनी कार को राजगढ़ की ओर ले गए। होश आने पर हर्षिल के एटीएम कार्ड से स्वाइप करके कार में डीजल भरवाया तथा हिसार, ओबरा, सादुलपुर, चुरू क्षेत्र में घुमाते रहे। तीनों बदमाशों ने हर्षिल के पिता पीरदान को दस लाख रुपये लेकर राजगढ़ आने को कहा। अपहरणकर्ताओं ने हर्षिल का फोन ही फिरौती मांगने के लिए प्रयोग किया तथा उसी मोबाइल की लोकेशन के कारण वे पकड़ में आए। राजगढ़ में भी व्यापारी पैसे देने पहुंच गए तो बाद में उन्होंने पीरदान को हिसार रेलवे फाटक राजगढ़ के पास बुलाया तथा पैसा नहीं लाने पर उसके पुत्र को जान से मारने की धमकी दी। बताए स्थान पर पीड़ित व्यापारी ने आठ लाख पचास हजार रुपये से भरा बैग लेकर आरोपितों को दे दिया। व्यापारी पीरदान ने साढ़े आठ लाख रुपये देने के बाद बदमाशों ने कहा कि तुमने पुलिस को सूचना दी है तथा पहाड़ी के इन युवकों को हमारे पीछे लगाया हुआ है। यदि इनको वापस नहीं बुलाया तो तेरे लड़के को जान से मार देंगे। इसके बाद व्यापारी हिम्मत हार गया तथा उसने महंत केशवनाथ को फोन करके सोशल टीम के लड़कों को वापस बुलाने की बात कही। तीन गाडिय़ों में सवार सोशल टीम को इसकी जानकारी दी गई तो दो गाडिय़ां वापस भेजी तथा स्कोरपियो में सवार अक्षय पहाड़ी अपने साथियों के साथ डिजायर गाड़ी के पीछे लग गया। पुलिस को भी किसी हादसे का अंदेशा हो रहा था तथा वे नाकेबंदी किए हुए थे। बकौल अक्षय पहाड़ी उनको भिवानी सीआईए की टीम ने आरोपियों को पकड़वाने में पूरी मदद की। हर पल की लोकेशन उनको मुहैया कराई जा रही थी। अपह्त हर्षिल के मोबाइल की लोकेशन लगाई हुई थी तथा उसके आधार पर ही सफलता हाथ लगी। राजस्थान पुलिस लगातार उनको बैकअप दे रही थी तथा संकरी सड़कों पर निकलने के कारण ही वे पकड़ में आए। राजगढ़ के एएसपी नितेश आर्य ने बताया कि आरोपियों को दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। उनके पूछताछ की जा रही है। उन्होंने बताया कि आरोपी अजय निवासी चैहड़ व राकेश मिठी गांव के निवासी हैं। ये दोनों दिल्ली में एक प्राईवेट कंपनी में नौकरी करते थे।