एक शराब कारोबारी ने हथियारों के लिए दिए थे 2 लाख
सिवानी मंडी।
तहसील परिसर में 5 दिन पहले हुई गैंगवार में इस्तेमाल किए गए मौत के सामान की खरीद फरोख्त में शराब के एक कारोबारी ने अहम भूमिका अदा की थी। कैदी कालिया और बहादुर गिरोह की तरफ से अपने भाई के अपहरण की घटना से नाराज चल रहे शराब कारोबारी एवं मतानी निवासी संदीप ने सोनू गैंग के सदस्यों को हथियार खरीदने के लिए ना केवल 2 लाख रुपये मुहैया करवाए थे बल्कि तहसील परिसर में गैंगवार की योजना में भी वह शामिल था। पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर उसे 3 दिन के पुलिस रिमांड पर ले लिया है। इस मामले में पुलिस संदीप समेत 8 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है और शेष की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।
गौरतलब है कि गत 7 मई को पेशी पर आए कालिया और बहादुर पर 3 शूटरों ने दिनदहाड़े गोलियां चला दी थी। इस गोलीबारी में दोनों ही कैदी बाल-बाल बच गए थे जबकि हवलदार भागीरथ की मौके पर ही मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस शूटरों से लेकर उनकी मदद करने वालों और गैंग के मुख्य सरगनाओं को गिरफ्तार कर चुकी है।
शराब कारोबारी ने की थी मदद
सीआईए इंचार्ज रविंद्र कुमार ने बताया कि सुनील उर्फ कालिया ने शराब कारोबारी संदीप के भाई का पिछले दिनों अपहरण कर लिया था। उस घटना के बाद से ही संदीप भाई के साथ हुई घटना का बदला लेने की फिराक में था। पुलिस के मुताबिक सुनील उर्फ कालिया व जय कुमार उर्फ भादर को जान से मारने की नियत से षड्यंत्र रचा था कि इनके मारने के बाद सिवानी इलाके में शराब के कारोबार से लेकर इलाके में उसका रुतबा बना रहेगा। इसके लिए संदीप ने सोनू गिरोह के मनजीत को हथियार खरीदने के लिए ना केवल 2 लाख रुपये उपलब्ध करवाए थे बल्कि योजना का हिस्सा भी बना था। इसकी भनक लगने के बाद पुलिस ने संदीप को गिरफ्तार कर लिया।
3 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया
मामले की जांच कर रहे एएसआई विद्याधर पिलानियां ने बताया कि संदीप को गिरफ्तार किए जाने के बाद यहां अदालत में पेश किया गया जहां से अदालत ने आरोपी को 3 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। जांच अधिकारी विद्याधर ने बताया कि आरोपी से इस गैंगवार से जुड़े अन्य लोगों के बारे में गहन पूछताछ की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस मामले में संदीप समेत पुलिस कुल 8 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।