अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
डाबड़ा गांव के बाहर स्थित धागा मिल के कैशियर राजेश पठानिया से पिस्तौल दिखाकर चार लाख रुपये लूटने की वारदात को मिर्चपुर कांड के एक गवाह अशोक उर्फ फौजी ने अपनी लाइसेंसी बंदूक से अंजाम दिया था। वारदात में उसके साथ अशोक के दो साथी भी थे। तीन दिन के रिमांड पर चल रहे मिर्चपुर वासी अशोक और दुर्जनपुर वासी शीशपाल ने यह खुलासा किया है। सीआईए टीम ने मिल के चौकीदार मिरका निवासी मास्टर माइंड अजय को भी गिरफ्तार कर लिया है। तीनों आरोपितों को शनिवार अदालत में पेश किया। यहां से अजय को जेल और अशोक और शीशपाल को दोबारा से तीन दिन के रिमांड पर लिया है। लूटे हुए रुपयों की बरामदगी के लिए दोबारा से रिमांड लिया है।
मिर्चपुर कांड के बाद बना था लाइसेंस
मिर्चपुर कांड के बाद गांव के पीड़ित परिवारों की सुरक्षा के लिए लाइसेंस बनाए गए थे। इसमें अशोक उर्फ फौजी ने गन का लाइसेंस बनवाया था। सीआईए टीम के धर्मबीर ने बताया कि लाइसेंसी पिस्तौल दिखाकर ही अशोक ने अपने साथियों के साथ मिलकर चार लाख रुपये लूटे थे। वारदात को अंजाम देने के बाद पंजाब चले गए। उसके बाद रुपये लेकर राजस्थान चले गए थे। वहां पर रुपये छुपा दिए। अब रुपयों की बरामदगी के लिए दोनों को रिमांड पर लिया है।
आठ जनवरी को हुई थी वारदात
आठ जनवरी को माडल टाउन का कैशियर राजेश पठानिया सुबह साढ़े दस बजे के चार लाख रुपये अटैची में डालकर मिल जा रहा था। डाबड़ा गांव से पहले सुनसान जगह पर पीछे से बाइक पर आ रहे तीन बदमाशों ने पिस्तौल दिखाकर अटैची लूटी ली थी। इसके बाद कच्चे रास्ते से फरार हो गए थे। किसी अपराध में लाइसेंसी हथियार का उपयोग होने पर उसका लाइसेंस रद्द कर दिया जाता है। जिला पुलिस की ओर से अब अशोक का लाइसेंस रद्द करने के लिए अनुरोध भेजा जाएगा।