हिसार। हांसी में मकान दिलाने के नाम पर एक बुजुर्ग से आठ लाख रुपये की धोखाधड़ी किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। ऋषि नगर निवासी शिव चरण की शिकायत पर पुलिस ने पुलिस ने हांसी के आर्य नगर निवासी सरोज, उसके पति सतीश, सतीश का भाई अजीत और पटेल नगर हिसार निवासी सुधीर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। दूसरे मामले में प्लॉट बेचने के नाम पर 5.40 लाख रुपये लेकर प्लॉट अन्य को बेचने पर पुलिस ने हांसी की कृष्णा कॉलोनी निवासी मनोज कुमार के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दोनों ही मामलों में फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
सिविल लाइन थाना पुलिस को दी शिकायत में ऋषि नगर निवासी शिव चरण ने बताया कि आर्य नगर निवासी सरोज व उसका पति सतीश कुमार एक दिन सुधीर की फ्रेंड्स कॉलोनी स्थित दुकान पर आए। सतीश और सुधीर दोस्त हैं। उनके साथ हांसी निवासी अजीत भी था। सतीश व सरोज ने कहा कि उनका हांसी में जो मकान है, वह बेचना है। सुधीर ने पीड़ित के पास फोन करके इस बारे में बताया ओर ऑफिस बुलाया। उन्होंने सब्जबाग दिखाकर उनका मकान लेने के लिए राजी कर लिया और पांच लाख रुपये का चेक ले लिया। 22 मार्च 2017 को उन्होंने कोर्ट में इकरारनामा लिखवाया, जिसमें सुधीर गवाह बना। पीड़ित का आरोप है कि सुधीर ने उससे तीन लाख रुपये नकद लेकर आरोपियों को दिए। रजिस्ट्री के लिए 14 जून 2017 का दिन तय किया गया। वह तय दिन पर हांसी गया तो सरोज या सतीश कोई भी मौके पर नहीं पहुंचा। उसके बाद उन्होंने न तो मकान की रजिस्ट्री उसके नाम कराई और न ही नियम के अनुसार उसकी राशि का दोगुना उसे दिया। बार-बार फोन करने पर फोन भी नहीं उठाया। पीड़ित के अनुसार बाद में उसे पता चला कि सरोज, सतीश व सुधीर ने उस मकान को हांसी के ढाणी बुखारी निवासी विनोद कुमार को बेच दिया। जांचकर्ता एएसआई रामफल के अनुसार शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ धारा 420, 467, 468, 471, 120बी के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
न प्लॉट दिया न पैसे वापस दिए
दूसरे मामले में आजाद नगर थाना पुलिस को दी शिकायत में कैमरी रोड निवासी कांता ने बताया कि वह कैमरी रोड पर किराये के मकान में रहती है। हांसी की कृष्णा कॉलोनी निवासी मनोज कुमार ने 20 मई 2018 को उसे 70 गज का प्लॉट दिलाने का इकरारनामा किया। उसने कैमरी रोड की उमेद विहार कॉलोनी में 174 गज का प्लॉट दिखाया। आरोपी ने कहा कि इसमें से 70 गज का उसे दिलवा देगा। यह प्लॉट उसने अपने रिश्तेदार राजेश का बताया। इकरारनामे पर उसने राजेश के साइन करवाए और प्लॉट की कीमत 7700 रुपये प्रति वर्ग गज बताई, जो 5 लाख 40 हजार रुपये बनती है। पीड़िता के अनुसार उसने बयाने के तौर पर आरोपी को 2 लाख 39 हजार रुपये दे दिए। अगले दिन मनोज कुमार उसे प्लॉट नाम करवाने के बहाने कोर्ट ले गया। वहां प्लॉट नाम नहीं करवाया और प्लॉट की पूरी कीमत ले ली। पीड़िता के अनुसार उसे कुछ दिन कोर्ट के चक्कर कटवाता रहा, लेकिन नाम नहीं करवाया। फिर बोला प्लॉट के दो हिस्से नहीं हो सकते, प्लॉट मालिक पैसे वापस दे देगा, लेकिन कुछ समय बीतने के बाद कहा कि प्लॉट किसी और को बेच रहे हैं और आपके पैसे दे देंगे। उन्होंने चेक दिया, जो बाउंस हो गया। जांचकर्ता के अनुसार शिकायत पर आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 406 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।