अमर उजाला ब्यूरो
हिसार (ब्यूरो)।
पुलिस महानिदेशक बीएस संधू ने हेड कांस्टेबल (ईएचसी) भागीरथ की गोलीबारी में मौत पर शोक व्यक्त किया है। डीजीपी ने पीड़ित परिवार को 30 लाख रुपये की आर्थिक मदद और एक्सग्रेशिया में नौकरी देने का एलान किया है। पुलिस महानिदेशक ने कहा कि उनका अंतिम संस्कार पूर्ण-सम्मान के साथ किया जाएगा।
बेटे ललित और बेटी सुमन को बनाना चाहते थे आईपीएस अधिकारी
बालसमंद। हेड कांस्टेबल भागीरथ अपने पीछे पूरे भरे परिवार को छोड़कर गए हैं। पत्नी गृहणी है। इनके तीन बच्चे हैं। बड़ा बेटा ललित पचार देहरादून में पढ़ाई कर रहा है। बेटे को उच्च अधिकारी बनाने का सपना था। वे अपने बेटे को आईपीएस अधिकारी बनाना चाहते थे। इनकी बेटी सुमन हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय से बीएससी एग्रीकल्चर गृह विज्ञान विषय से पढ़ाई कर रही है। बेटी को भी उच्च अधिकारी बनाने का सपना था। छोटी बेटी तनु अभी दूसरी कक्षा में है। भागीरथ के बेटे ने ऑस्ट्रेलिया में ग्लोबल यूथ चैलेंज विषय पर आयोजित प्रतियोगिता में भाग लिया था। यह प्रतियोगिता ऑनलाइन आयोजित की गई, जिसमें ललित पचार ने प्रथम स्थान हासिल किया था।
सुनील उर्फ कालिया पर दर्ज केस
--6 जनवरी 2010 सिवानी में हत्या के प्रयास का केस
-26 सितंबर 2015 सिवानी में आर्म्स एक्ट केस
- 20 मई 2013 सतनाली थाना में गिरोहबंदी, लूट प्रयास का केस
- 6 जून 2013 भिवानी थाने में हत्या के प्रयास, सरकारी काम में बाधा डालने का केस
-26 सितंबर 2015 में तोशाम में आर्म्स एक्ट का केस दर्ज
-17 सितंबर 2003 में सिवानी में दहेज हत्या का केस
--12 अप्रैल 2018 भिवानी में आर्म्स एक्ट का केस
- 12 सितंबर 2017 सिवानी में हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट का केस
वकीलों ने सुरक्षा की मांग पर किया वर्क सस्पेंड
सिवानी बार के सदस्यों ने इस घटना के बाद वर्क सस्पेंड कर दिया है। बार के प्रधान ओमप्रकाश श्योराण ने कहा कि जब तक सुरक्षा के प्रबंध नहीं होंगे, तब तक वर्क सस्पेंड रखेंगे। इस तरह से अदालत में काम नहीं कर सकेंगे। अदालत परिसर में सीसीटीवी लगाए जाएं। गेट पर मेटल डिटेक्टर लगाए जाएं। गेट पर पुलिसकर्मी नियुक्त किए जाएं।