अमर उजाला ब्यूरो
सिवानी मंडी।
उधार दिए गए रुपये वापस नहीं किए जाने और गांव के ही कुछ लोगों द्वारा बुलेरो गाड़ी शराब की तस्करी में पकड़वाए जाने से आहत होकर गुरेरा गांव के एक युवक ने रविवार को जहरीला पदार्थ निगलकर आत्महत्या कर ली। 30 वर्षीय मुकेश सारस्वत को उपचार के लिए हिसार के एक निजी अस्पताल में दाखिल करवाया गया, जहां उपचार के दौरान देर रात उसने दम तोड़ दिया। मरने से पहले मुकेश ने पुलिस के समक्ष बयान भी दिए और सुसाइड नोट के बारे में भी बताया। पुलिस ने सुसाइड नोट को अपने कब्जे में लेने के बाद गुरेरा गांव के सरपंच छत्रपाल गोदारा, पूर्व चेयरमैन जनकराज गोदारा समेत आठ लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार गुरेरा के 30 वर्षीय मुकेश ने रविवार को जहरीला पदार्थ निगल लिया। परिजनों को जब इसके बारे में पता चला तो वे उसे उपचार के लिए यहां के एक अस्पताल लाए, जहां से उसे प्राथमिक उपचार के लिए हिसार भेज दिया गया। सूचना मिलने के बाद पुलिस मुकेश के बयान लेने पहुंची तो मुकेश ने बताया कि उसने एक सुसाइड नोट भी लिखा है, जो घर में रखी एक डायरी में है। पुलिस ने सुसाइड नोट को अपने कब्जे में ले लिया और मामले की छानबीन शुरू कर दी। इसी बीच उपचार के दौरान मुकेश ने देर रात दम तोड़ दिया। सोमवार की सुबह पुलिस हिसार पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर उसे पोस्टमार्टम के बाद परिजनों के हवाले कर दिया। मृतक युवक अपनी उधारी वापस नहीं आने और अपनी बुलेरो गाड़ी को गांव के ही लोगों द्वारा शराब की तस्करी में पकड़वाए जाने से आहत था।
गुरेरा के सरपंच और पूर्व चेयरमैन समेत आठ पर मामला दर्ज
पुलिस ने इस मामले में गांव के सरपंच छत्रपाल गोदारा, बीडीसी के पूर्व चेयरमैन जनकराज गोदारा, ग्रामीण लीलाधर, संदीप, भिवानी जिले के गांव खरक के संदीप, झज्जर के सोनू और उसकी मां सुमित्रा और चरखी दादरी के राजेश चावला के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच अधिकारी राजपाल ने बताया कि पुलिस जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार करेगी।