अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
बरवाला रोड स्थित ऑब्जर्वेेशन होम (बाल सुधार गृह) से फरार होने वाले छह बाल कैदियों ने चादर में साबुन डालकर सुरक्षाकर्मियों पर वार करने का हथियार बनाया था। उन्होंने प्लानिंग के तहत चादर में साबुन लपेट ली और उसी से अचानक सुरक्षाकर्मी पर हमला कर फरार हो गए। एक सुरक्षाकर्मी के शरीर पर इसके निशान तक हैं। उन्होंने सुरक्षाकर्मी से चाबी छीन ली और ताला खोलकर भाग निकले। इतना ही नहीं बाहर निकलते समय उन्होंने ताले को हथियार बनाया और उससे कार लूटने के लिए शीशा तोड़ा था।
57 में से 24 बंदी 18 साल से अधिक की उम्र के
बाल सुधार गृह में फिलहाल 57 बंदी हैं। इनमें से 24 बंदी 18 साल से अधिक की उम्र के हैं। इनमें से कई पर संगीन केस दर्ज हैं। इनमें से एक बाल कैदी की उम्र को लेकर विवाद था, हालांकि झज्जर कोर्ट ने उसे जुवेनाइल कोर्ट में भेजने के ऑर्डर किए थे।
30 वार्डरों की डिमांड का लिख चुके थे पत्र
सुरक्षा का जिम्मा सिर्फ सात वार्डरों पर है। वह भी अलग-अलग शिफ्ट में तैनात होते हैं। ऐसे में कुछ बंदियों के एकत्रित होकर बड़ी वारदात करने की संभावना बनी रहती है। इसी खतरे को भांपते हुए ऑब्जर्वेशन प्रबंधन कई बार डीसी और अन्य आला अधिकारियों को पत्र लिखकर 30 वार्डरों की डिमांड कर चुका है, लेकिन अभी तक इस ओर ध्यान नहीं दिया गया है। रविवार को छह बाल कैदियों की फरारी का एक कारण सुरक्षाकर्मियों की कमी बताया जा रहा है।
फरार बंदियों के परिजनों को चिट्ठी डाल दी सूचना
छह बंदियों के फरार होने की घटना के बाद जेल प्रबंधन ने जिला उपायुक्त और बंदियों के परिजनों को चिट्ठी भेजकर मामले की सूचना दी है। उसके बाद दो बंदियों के परिजन बाल सुधार गृह में आए थे।
दो किमी पीछे दौड़ने पर नहीं लगे हाथ
पुलिसकर्मी हनुमान ने बताया कि बंदियों के फरार होने के बाद वह और लांगरी सुभाष उनके पीछे दौड़े थे। बंदी उनके पहुंचने से पहले एक कार को रुकवाने के लिए शीशा तोड़ चुके थे। एक दूधिए की बाइक छीनने का प्रयास कर चुके थे। जब दूधिए से पूछा तो उसने इशारा करते हुए बताया कि वे बरवाला की तरफ भागे हैं। फिर आगे एक बाइक गिरी हुई थी। बाइक चालक ने बताया कि छह युवकों ने मारपीट कर उनकी बाइक छीन ली और फरार होने लगे। कुछ दूर चलने पर बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई। फिर वे फार्म में घुसकर पैदल दौड़ पड़े। हनुमान ने बताया कि वे कंटीली तारों के पास पहुंचे तो एक बंदी तारों में से निकलने का प्रयास कर रहा था। उसे पकड़ने लगे तो वह तारों में से निकलकर दूसरी तरफ जा गिरा और फरार हो गया। वे तारों को पार कर बंदियों के पीछे दौड़े, लेकिन वे अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। काफी तलाश की, लेकिन उनका कोई अता-पता नहीं चला। पुलिसकर्मी ने बताया कि एक बंदी चोटिल है और वह बाकी पांच बंदियों से अलग है।
डीएसपी ने चार कर्मियों के बयान किए दर्ज
बाल सुधार गृह से छह बंदियों के फरार होने के मामले में वीरवार को डीएसपी सिद्धार्थ ढांडा ने एक पुलिसकर्मी, दो वार्डरों और एक लांगरी के बयान दर्ज किए। वहीं पुलिस की चार टीमें फरार बंदियों की तलाश में छापेमार कार्रवाई कर रही हैं।
महिला पुलिसकर्मी की हो तैनाती
बाल सुधार गृह में जहां एक तरफ वार्डरों की कमी है, वहीं हैरानी की बात यह है कि वहां कोई महिला पुलिसकर्मी की नियुक्ति नहीं है। बंदियों से मुलाकात के लिए महिलाएं आती हैं और पुरुष कर्मी उनकी तलाशी नहीं ले सकते हैं। ऐसे में एक महिला पुलिस की नियुक्ति होनी चाहिए। इस बारे में अधीक्षक होम सुरेंद्र सिंह 30 वार्डरों और एक महिला पुलिसकर्मी की नियुक्ति के बारे में आला अधिकारियों को कई बार पत्र लिख चुके हैं।
जुवेनाइल एक्ट के तहत जिस दिन केस दर्ज होता है, उस दिन आरोपी की उम्र 18 साल से कम होनी चाहिए। उसे बाल सुधार गृह में रखा जाएगा। एक्ट के अनुसार उस पर केस चलेगा। बेशक आरोपी ट्रायल चलते रहने के दौरान 18 साल से ज्यादा उम्र का हो जाए।
-कामिनी मलिक, चेयरपर्सन सीडब्लयूसी
गेट पर तैैनात सुरक्षाकर्मी पर किया था हमला