अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। दहेज हत्या के एक मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने दोषी को बुधवार को उम्रकैद की सजा सुनाई। इसके साथ-साथ अदालत ने दोषी पर 5 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न भरने पर दोषी को दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। गुरुग्राम जिले के सोहना कस्बे के गांव खेड़ला निवासी जयप्रकाश ने 22 नवंबर 2017 को पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वह मजदूरी करता है और उसके दो बच्चे हैं, जिनमें 22 साल की रेखा और 17 साल का है।
शिकायत में जयप्रकाश ने बताया कि उसने अपनी लड़की रेखा की शादी वर्ष 2013 में रेवाड़ी जिले के कालाका गांव निवासी रविंद्र से की थी। शादी के कुछ समय बाद ही रविंद्र ने उसकी बेटी को दहेज के लिए मारना-पीटना शुरू कर दिया और घर से निकाल दिया। उसके बाद वह कुछ अन्य लोगों के साथ उसकी ससुराल गया और उनकी मांग मान लेने का आश्वासन देते हुए बेटी की पिटाई न करने की बात कही तथा बेटी को ससुराल छोड़ दिया। उसने आरोप लगाया कि जब भी उसकी बेटी फोन करती थी तो वह रोती हुई रविंद्र द्वारा पीटने की शिकायत करती थी। जय प्रकाश ने बताया कि घटना से एक दिन पहले उसके पास बेटी का फोन आया था। उसने वहां नहीं रहने की बात कही थी। उसने बताया था कि रविंद्र पिटाई करता है। उसने बताया कि घटना के दिन सुबह उसके पास फोन आया कि उसकी बेटी की मौत हो गई है। जब वह हांसी पहुंचा तो देखा उसकी बेटी के सिर व मुंह पर चोट मारी हुई थी।
हांसी में रह रहे थे
शिकायत में जयप्रकाश ने बताया कि उसकी बेटी व दामाद घटना से करीब एक माह पहले ही उनकी बेटी मीनाक्षी के साथ हांसी रहने लगे थे। वे हांसी के सैनीपुरा में रह रहे थे। हांसी की किला बाजार चौकी पुलिस ने इस मामले में शिकायत के आधार पर रविंद्र के खिलाफ केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया था। इस मामले में बुधवार को एडीजे डॉ. पंकज की अदालत ने रविंद्र को उम्रकैद और 5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अदालत ने उसे 2 फरवरी को दोषी करार दिया था।