फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पुलिस पर पिटाई का आरोप लगाते हुए मार्केट बंद कर धरने पर बैठे

विज्ञापन
विज्ञापन
पुलिस पर पिटाई के आरोप में मार्केट बंद कर धरने पर बैठे, आक्रोशित लोग बोले
विज्ञापन


हिसार।
आजाद नगर शिवा मार्केट में जगराते के दौरान डीजे बंद कराने को लेकर हुए विवाद में बुधवार रात पुलिस ने सात लोगों को वर्दी फाड़ने के मामले में गिरफ्तार किया था। आरोप था कि पुलिस टीम के साथ मारपीट की गई थी। शुक्रवार को जमानत मिलने के बाद नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया था। युवकों ने पुलिस पर मारपीट, गाली-गलौज करने का आरोप लगाया। इन युवाओं के समर्थन में आजाद नगर के लोगों ने मार्केट बंद कर धरना दिया।
आजाद नगर के निवासी शनिवार की सुबह एकत्र होकर मेन गली के पास पहुंचे। यहां इन लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरना शुरू कर दिया। धरने की अध्यक्षता छोटूराम प्रधान, जगदीश पूनिया, महेंद्र महला, राजेंद्र गोयल ने की। धरने में पार्षद नरेंद्र शर्मा, कर्मबीर ढिल्लो सहित अन्य लोग शामिल हुए। धरना देने वालों ने कहा कि पुलिस ने पूरी तरह से गलत काम किया है। लड़कों को पीटा, उसके बाद उनको को ही गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आजाद नगर चौकी और सदर थाने में इनकी पिटाई की गई। इनके साथ गाली-गलौज कर अभद्रता की। युवाओं की हालत खराब होने के कारण इन लोगों को नागरिक अस्पताल में ले जाना पड़ा। मांग की गई कि पुलिस द्वारा युवाओं पर बनाए गए केस खारिज किए जाए। चौकी इंचार्ज का तबादला किया जाए। पुलिस थाना प्रभारी मौके पर आकर माफी मांगें। भविष्य में इस तरह का मामला होने पर जनप्रतिनिधियों को बुलाने के बाद ही गिरफ्तारी हो।
विज्ञापन


पूर्व मंत्री संपत सिंह ने भी किया समर्थन
धरने पर पूर्व मंत्री प्रोफेसर संपत सिंह, कांग्रेसी नेता धर्मबीर गोयत, विधायक रणबीर गंगवा के बेटे सुरेंद्र गंगवा, रणधीर बामल, बलवान सिंह सहित अन्य लोगों ने धरने पर आकर समर्थन किया।

यह था मामला...
आजाद नगर चौकी पुलिस ने बुधवार रात जगराते में डीजे बंद कराने गए पुलिसकर्मियों पर युवकों द्वारा मारपीट किए जाने का आरोप लगा सात लोगों को गिरफ्तार किया था। पुलिस का कहना था कि आजाद नगर चौकी के हेड कांस्टेबल महताब सिंह और सिपाही संदीप कंट्रोल रूम में सूचना मिलने पर जिप्सी में आजाद नगर में डीजे बंद कराने गए थे। वहां लोगों ने पुलिसकर्मियों से मारपीट की। पुलिस ने सरकारी ड्यूटी में बाधा पहुंचाने का केस दर्ज कर सात को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। छह आरोपियों की जमानत शुक्रवार को कोर्ट ने मंजूर कर ली। इसमें चिड़ोद के संजय और महाबीर कॉलोनी के संजय को परिजनों ने सिविल अस्पताल में दाखिल कराया है।
वर्जन
पुलिस पर लगाए गए आरोप निराधार हैं। किसी के साथ मारपीट नहीं की गई थी। इस तरह के आरोप केस को खारिज कराने के लिए लगाए हैं। - सुरेश कुमार, एएसआई आजाद नगर
विज्ञापन


धरने पर मनाने पहुंचे एसएचओ, नहीं माने लोग
इस मामले को हल करने के लिए सदर थाने के एसएचओ विजेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों से बातचीत कर धरना खत्म करने के लिए कहा। इस पर धरना देने वाले अपनी मांग पर अडे़ रहे। पार्षद नरेंद्र शर्मा ने कहा कि रविवार को भी धरने पर बैठेंगे। मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें