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35.40 लाख की धोखाधड़ी करने का एक और आरोपी गिरफ्तार

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हिसार। नौकरी लगवाने का झांसा देकर 35 लाख 40 हजार रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में पुलिस ने वीरवार को एक और आरोपी किरतान निवासी राजेश उर्फ घोलू को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में पुलिस ने मंगलवार को किरतान गांव निवासी विकास को गिरफ्तार किया था। इस संबंध में सदर थाने में आठ अक्तूबर 2015 को तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था, जिनमें से एक हरियाणा पुलिस का सिपाही था।
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मामले के अनुसार किरतान निवासी भरत सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि बालसमंद निवासी कृष्ण कुमार, हरियाणा पुलिस में सिपाही चिड़ौद निवासी संजय और चिड़ौद निवासी सोमवीर ने नौकरी लगवाने के नाम पर उससे 35 लाख 40 हजार रुपये की धोखाधड़ी की। पुलिस ने उसकी शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ नौकरी लगवाने का झांसा देने, फर्जी दस्तावेजों पर नौकरी लगवाने, अमानत में खयानत करने एवं जान से मारने की धमकी देने के तहत मुकदमा दर्ज किया था। शिकायत में उसने बताया कि राजेश उसका सगा भतीजा है। उसके पास कृष्ण कुमार का आना-जाना था। कृष्ण ने कहा कि उसकी बस अड्डा हिसार पर एजुकेशन की एकेडमी है। वह बच्चों को कोचिंग देता है और लड़कों को नौकरी भी लगवाता है। परिवार वालों ने उससे दामाद को नौकरी लगवाने को कहा। बिजली विभाग में आठ लाख रुपये में असिस्टेंट लाइनमैन लगवाने की बात पक्की हो गई। एक जून 2012 को अपने दामाद दड़ौली निवासी सुभाष को बुला लिया। कृष्ण कुमार, संजय कुमार और सोमबीर भी पीड़ित के घर आ गए। उसने आरोपियों को चार लाख रुपये नकद दे दिए, जिसमें मांगेराम ने गवाह के तौर पर हस्ताक्षर किए थे। एक लाख रुपये इंटरव्यू पर और तीन लाख रुपये नौकरी लगने पर देने को कहा। इसके बाद सुभाष को बिजली निगम में असिस्टेंट लाइनमैन के पद पर रोहतक में नौकरी लगवा दिया।
नौकरी लगवाई तो बढ़ा विश्वास, फंसाए और पैसे
पीड़ित के अनुसार सुभाष को नौकरी लगवाने के बाद आरोपियों पर विश्वास हो गया और रिश्तेदारी के और लड़कों को नौकरी लगवाने के लिए कहा, जिस पर आरोपियों को कुल 27 लाख 40 हजार रुपये दिए गए। कुछ दिन बाद 25 जुलाई 2015 को सुभाष के कागजों की जांच हुई तो वे फर्जी पाए गए, जिस कारण सुभाष के खिलाफ रोहतक पीजीआई थाने में केस दर्ज हो गया। उसके बाद आरोपियों से पैसे वापस मांगे तो उन्होंने सब ठीक करने और पैसे वापस देने की बात कही। इस संबंध में कई बार पंचायतें भी हुईं, लेकिन आरोपियों ने पैसे वापस नहीं दिए।
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