अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
भगाना गांव में शनिवार को फिर तनाव हो गया। गांव में विवादित खेल मैदान पर तारबंदी करने जा रहे दलित समुदाय के लोगों का महिलाओं ने रास्ता रोक दिया। उन्हें इस रास्ते से जाने से इनकार किया गया। मौके पर महिलाओं ने मिलकर खाई खोद दी और झाड़ियां डाल दीं। इसके बाद विवाद बढ़ गया। दूसरी जाति की महिलाओं ने इस दौरान हुई कहासुनी को लेकर पुलिस के पास फोन कर दिया और छेड़छाड़ के आरोप तक लगा डाले। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। देर शाम तक दोनों पक्षों में तनाव की स्थिति बनी रही। आखिर में प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने रास्ते में खोदी गई खाई बंद करवाई और झाड़ियां हटवाईं।
गांव भगाना निवासी महाबीर ने बताया कि सरपंच ने गांव के खेल मैदान पर तारबंदी का काम शुरू करवा रखा था। वे तारबंदी करने के लिए ट्रैक्टर ट्रॉली लेकर जा रहे थे। इसी बीच दूसरे पक्ष की महिलाओं ने उनका रास्ता रोक दिया। दोनों तरफ से गाली-गलौज हो गई। मौके पर दूसरे पक्ष की भी कई महिलाएं एकत्रित हो गईं। उन्होंने बीच रास्ते में खाई खोद डाली और झाड़ियां लगाकर रास्ता रोक दिया। उन्होंने पुलिस के पास फोन कर दिया कि दलित समुदाय के कुछ लोग महिलाओं के साथ छेड़छाड़ कर रहे हैं। मौके पर पुलिस पहुंची तो मामला कुछ और ही निकला।
डीसी को शिकायत देने पहुंचे ग्रामीण
इस मामले में दलित पक्ष के लोग डीसी को शिकायत देने पहुंचे। उन्होंने कहा कि महिलाओं ने उनके साथ मारपीट की। उनके घर पर कुछ लोग लाठी-डंडे लेकर हमला करने भी पहुंचे। मौके पर न मिलने के कारण वे वापस लौट गए।
एसडीएम और पुलिस ने देर शाम करवाई खाई बंद
शनिवार को ही देर शाम एसडीएम अशोक बंसल, डीडीपीओ अशवीर नैन, नायब तहसीलदार एचके गुप्ता, एसएचओ देवेंद्र नैन मौके पर पहुंचे। उन्होंने दोनों पक्षों से बातचीत की। दोनों पक्षों से बातचीत कर उन्हें समझाया। उन्होंने कहा कि गांव में शांति बनाए रखो। जो भी मामला है, उसे भाईचारे से निपटाया जा सकता है। माहौल खराब मत करो, किसी को कानून हाथ में लेने का अधिकार नहीं। उन्होंने दोनों पक्षों को रविवार को हिसार स्थित कार्यालय में बुलाया है।
छह साल पहले गांव में हो गया था तनाव
पहले भी गांव के कई लोग पलायन कर हिसार के लघु सचिवालय में डेरा डाले हुए हैं। हाल ही में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की टीम ने भी गांव का दौरा किया था। दलित पक्ष के लोग गांव में नहीं रहना चाहते। उन्होंने कहा कि उन्हें शहर में बसाया जाए। करीब छह साल पहले गांव में दो पक्षों में जातीय तनाव हो गया था।
दलित पक्ष के लोग ट्रैक्टर ट्रॉली लेकर खेल के मैदान में जा रहे थे। उन्हें तारबंदी करनी थी। जिस रास्ते से वे जा रहे थे, वहां कुछ महिलाओं ने उनका रास्ता रोक दिया। उन्होंने खाई खोद दी और झाड़ियां लगाकर रास्ता रोक दिया। दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई थी। गांव में भाईचारा खराब नहीं होने दिया जाएगा।
-शक्ति सिंह, सरपंच भगाना
गांव में दो पक्षों में कहासुनी हो गई थी। फिलहाल मामला शांत है। पुलिस मौके पर गई थी। रास्ते से झाड़ियां इत्यादि हटवा दी गई हैं। -देवेंद्र नैन, एसएचओ सदर थाना
फोटो 56 व 57
- रात को पुलिस और प्रशासन पहुंचा गांव, खाई को बंद करवाया