अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
लुदास से शाहपुर रोड पर नीली बत्ती लगी फॉरच्यूनर गाड़ी सवार चार वर्दीधारी समेत आठ बदमाशों ने राजस्थान के कोलायत के मेटल व्यापारी राकेश कुमार से 13 लाख रुपयों से भरा बैग लूट लिया। वारदात के बाद हमलावर फरार हो गए। वारदात चार अप्रैल की है। पुलिस ने एक महीने बाद केस दर्ज किया है।
बीकानेर के कोलायत की रामपुरा बस्ती निवासी राकेश कुमार ने केस दर्ज कराया है। वह बीकानेर के कर्णी इंडस्ट्रियल एरिया में आरके स्टील के नाम से फैक्ट्री चलाते हैं। उनका मेटल का कारोबार है। उन्होंने बताया कि उनको चार मार्च को जयपुर से कोलकाता की फ्लाइट पकड़नी थी। वह ट्रेन में बीकानेर से रतनगढ़ गए थे। वह बाद में रतनगढ़ बाईपास पर जयपुर जाने के लिए बस का इंतजार कर रहे थे। तभी वहां एक कार आकर रुकी। कार वाले ने लिफ्ट देने की बात कहकर उसे कार में बिठा लिया। कार चला रहे आदमी ने खुद को हिसार का मनोज बताते हुए उससे व्यापार के बारे में पूछा। उसने फिर कहा कि वह उनको सस्ते रेट में जिंक राख दिला सकता है। उसके बाद राकेश जयपुर में उतर गया था। मनोज ने 27 मार्च को फोन कर कहा कि बीकानेर में हो क्या, वह वहां आने वाला है। फिर मनोज ने 30 मार्च की शाम 4.30 बजे फोन कर कहा कि वह बीकानेर में है, बाद में बात करूंगा। उसके बाद उसने 7.30 बजे फोन कर कहा कि सागर होटल में आ जाओ। शिकायतकर्ता बताए गए होटल में गया तो मनोज और दो अन्य मिले। उन्होंने सस्ती जिंक राख दिलाने की बात कही। फिर वह लौट आया था।
राकेश ने बताया कि मनोज ने उससे 31 मार्च को भी बात की थी। फिर उसने तीन अप्रैल को फोन कर कहा कि हिसार आकर सैंपल देख जाओ। वह राजगढ़ रोड पर सिवानी के पास कार में आया था और मनोज उसे कार में मिला था। वह सैंपल देखकर लौट गया था। माल की संख्या बताने पर करीब 25 लाख रुपये का सामान बताया गया था। वह अगले दिन साथी राजीव त्रिपाठी व साहिल चौधरी के साथ कार में आया और मनोज से फोन पर बात की। मनोज ने उसे लुदास-शाहपुर रोड पर पहुंचने को कहा था। वह शाहपुर मोड़ के पास पहुंचा तो पहले से खड़ी करेटा गाड़ी के इंडीकेटर जलाकर उनको रोक लिया गया। उसके बाद उसने उसे बैग समेत अपनी कार में बिठा लिया और करेटा गाड़ी आगे जाने लगी। वे 200 मीटर चले थे कि एक नीली बत्ती लगी फॉरच्यूनर गाड़ी करेटा के आगे अड़ा दी गई। उसमें से सात लोग निकले, जिनमें चार पुलिस की वर्दी में थे। उन्होंने आते ही डंडों से पिटाई करनी शुरू कर दी। वे मनोज को भी डंडे मारने का नाटक कर रहे थे। उसके बाद मेरा 13 लाख रुपयों से भरा बैग छीन लिया गया। कुछ दूर जाने के बाद मुझे लात मारकर फॉरच्यूनर से नीचे फेंक दिया और वे फरार हो गए। सदर थाना पुलिस ने एक महीने बाद मनोज और सात अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया है।