अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
जीजेयू के अधीक्षक अभियंता डॉ. अशोक अहलावत की मौत के लिए उनकी पत्नी वनिता पर आत्महत्या के लिए मजबूर करने का केस दर्ज किया गया है। अशोक अहलावत के पिता ओमप्रकाश के बयान पर यह केस रजिस्टर किया गया है। अशोक अहलावत मल रूप से झज्जर जिले के गांव डीघल के रहने वाले थे। शुक्रवार को कुरुक्षेत्र में डॉ. अहलावत के शव का अंतिम संस्कार किया गया। डॉ. अशोक के माता-पिता कुरुक्षेत्र में ही रहते थे, इसलिए उनका कुरुक्षेत्र में अंतिम संस्कार किया गया है। जीजेयू के एसई डॉ. अशोक अहलावत ने वीरवार को घर में ही फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया था। शुक्रवार को डॉ. अशोक अहलावत के पिता ओमप्रकाश हिसार पहुंचे। जीजेयू चौकी को दिए अपने बयान में ओमप्रकाश अहलावत ने कहा कि उनकी पुत्रवधू वनिता मेरे बेटे को परेशान करती थी। वनिता मेरे बेटे अशोक को शारीरिक और मानसिक तौर पर प्रताड़ित कर रही थी। मेरा हिसार में इलाज कराने पर भी पुत्रवधू का एतराज था। ओमप्रकाश ने अपने बयान में कहा कि मेरी दोनों बेटियों को भी वनिता यहां नहीं आने देती थीं। वनिता मेरे बेटे अशोक को कहती थी कि अगर अपनी बहनों को बुलाओगे तो मैं सुसाइड कर लूंगी। इन कारणों के चलते मेरे बेटे अशोक अहलावत ने मजबूर होकर आत्महत्या की।
जीजेयू में हुई शोकसभा
अधीक्षक अभियंता डॉ. अशोक अहलावत के निधन पर जीजेयू में शुक्रवार को शोक सभा का आयोजन किया गया। कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने कहा कि डॉ. अहलावत के योगदान को हमेशा याद किया जाता रहेगा। उन्होंने विश्वविद्यालय के निर्माण में अपना अमूल्य योगदान दिया है। शिक्षक और गैर शिक्षक कर्मचारियों ने शुक्रवार को कुलपति कार्यालय के सामने दो मिनट का मौन भी रखा।
अशोक अहलावत का शव सुबह करीब पांच बजे कुरुक्षेत्र ले जाना था। परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया। बाद में पुलिस को बयान दर्ज कराने के बाद करीब साढे़ नौ बजे शव अंतिम संस्कार के लिए लेकर निकले। कुरुक्षेत्र में डॉ. अशोक अहलावत का अंतिम संस्कार किया गया।
ओमप्रकाश की शिकायत पर अशोक अहलावत की पत्नी वनिता पर आत्महत्या के लिए मजबूर करने का केस दर्ज किया गया है। अशोक अहलावत के पिता ने लिखित बयान दिए हैं। केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
-दीपेंद्र सिंह, इंचार्ज जीजेयू चौकी हिसार