अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। दादा की जमीन फर्जी तरीके से दूसरे के नाम करने पर पंजाब निवासी उनके पोते ने तहसीलदार कनब सिंह लाकड़ा समेत 11 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी करने का केस दर्ज कराया है। शिकायत में मौका पटवारी, अग्रोहा के नंबरदार आत्माराम व दो वकील सूबेसिंह व आनंद कुमार स्वामी को भी आरोपी बनाया गया है।
शिकायतकर्ता के आरोप के अनुसार तहसीलदार कनब सिंह लाकड़ा व अन्य ने उनके दादा की जमीन फर्जी कागजात के आधार पर आरोपी सुरेंद्र और विरेंद्र के नाम पर कर दी। इस धोखाधड़ी में दो वकील, नंबरदार और पटवारी भी शामिल रहे। तहसीलदार ने वापस जमीन की रिलीज डीड उनके नाम करने पर 16 लाख रुपये मांगे थे।
मामले के अनुसार पंजाब के रायकोट निवासी मनीष के दादा रामप्रकाश के नाम अग्रोहा गांव में दो कनाल 16 मरले जमीन थी। यह जमीन उनको पाकिस्तान से आने पर सरकार की तरफ से अलॉट हुई थी। मनीष के दादा ने यह जमीन ना तो किसी को बेची और ना ही किसी को बयनामा की। उनकी यह जमीन 2001 की जमाबंदी में उनके दादा के नाम पर ही थी। 2004 में जब इस जमीन की मिलकियत अग्रोहा के बख्तावर के नाम पर हुई तो उन्हें इस बारे में पता चला। जब उन्होंने इस बारे में जानकारी ली तो पता चला कि बख्तावर ने उनके दादा के बजाय किसी अन्य को तहसीलदार के सामने पेश करके उनकी जमीन अपने नाम पर करवा ली। जब इस जमीन का 2012 में बख्तावर के नाम इंतकाल हुआ तो उन्होंने इस बारे में शिकायत देकर इंतकाल खारिज करवा दिया। इसके बाद 2017 में बख्तावर के पोते विरेंद्र व सुरेंद्र ने धोखाधड़ी करते हुए पटवारी व तहसीलदार के साथ मिलीभगत करके जमीन का इंतकाल फिर से अपने नाम करवा लिया। मनीष ने पहले ही प्रशासन को इस बारे में शिकायत दी हुई थी, उसके बावजूद तहसीलदार, पटवारी, दो वकील व नंबरदार ने इस मामले में मिलीभगत करते हुए फर्जी कागजात के आधार पर जमीन का इंतकाल विरेंद्र व सुुरेंद्र के नाम पर कर दिया। आरोपियों ने जब इस बारे में हाईवे 9 का करीब 32 लाख मुआवजा भी हड़प कर लिया। जब मनीष ने इस बारे में तहसीलदार को शिकायत दी तो उन्होंने कहा कि आरोपियों के 32 लाख रुपये हरियाणा सरकार के खाते में जमा है, अगर वह इसमें से 16 लाख रुपये दे देंगे तो जमीन की रिलीज डीड वह उसके नाम कर देगा। इसके बाद मनीष ने इस पूरे मामले की शिकायत डीजीपी व हिसार एसपी को भेजी। पुलिस इस शिकायत पर कार्रवाई करते हुए तहसीलदार कनब सिंह लाकड़ा, तत्कालीन पटवारी, वकील सूबेसिंह व आनंद कुुमार स्वामी, नंबरदार आत्माराम, अग्रोहा निवासी विरेंद्र, सुरेंद्र, जगदीश, मेवासिंह, भूपेंद्र व कृष्ण के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 406, 465, 467, 468, 471 व 120 बी के तहत केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।