अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। फ्यूचर मेकर फ्रॉड मामले में साइबराबाद पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में साइबराबाद इकॉनोमिक विंग ने फतेहाबाद के गांव इंदाछुई निवासी राजपाल और मध्यप्रदेश के शुजलपुर से मुकेश परमार को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी फ्यूचर मेकर के सीएमडी से मिलने के लिए साइबराबाद गए थे। दोनों आरोपी कंपनी मैनेजमेंट के मुख्य आरोपियों में से है। कंपनी के प्रचार से लेकर आगे लोगों को जोड़ने में इनकी मुख्य भूमिका रही है। जब पुलिस को इस बारे में सूचना मिली तो उन्होंने दोनों को उनके ठिकानों पर छापेमारी करके हैदराबाद से दबोच लिया। दोनों आरोपी सीएमडी राधेश्याम की गिरफ्तारी के बाद से फरार चल रहे थे।
पकड़े गए आरोपी राजपाल ने बताया कि उसने पांचवीं कक्षा तक पढ़ाई की हुई है। उसने 2015 में फ्यूचर मेकर कंपनी ज्चाइन की थी। उसके बाद से वह करीबन एक लाख लोगों को कंपनी के साथ जोड़ चुका है। वह कंपनी से लोगों को जोड़ने के लिए कम पढ़े-लिखे लोग व महिलाओं को ज्यादा पैसे का लालच देते थे। राजपाल के अनुसार कंपनी के साथ लोगों को जोड़कर वह क्राउन एंबेसडर के पद पर पहुंच चुका था। इस दौरान उसने तीन करोड़ रुपये मुनाफे के रूप में कमाए व एक करोड़ और कंपनी की तरफ से जल्द ही मिलने वाले थे।
दूसरे आरोपी ने कंपनी से जोड़े थे 40 हजार लोग
दूसरा आरोपी मुकेश परमार 10वीं कक्षा तक पढ़ा हुआ है। उसने करीबन 40 हजार लोगों को कंपनी के साथ जोड़ा था। वह भी कंपनी में डबल स्टार के पद पर था। कंपनी के साथ लोगों को जोड़कर वह दो करोड़ रुपये मुनाफे के रुप में ले चुका है। पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों को कंपनी के प्रोडेक्ट के बारे में कोई जानकारी नही थी। वह सिर्फ मुनाफा कमाने के चक्कर में लोगों को कंपनी के साथ जोड़ रहे थे। दोनों आरोपी लोगों को कंपनी में निवेश किए गए पैसे पर तुरंत भारी मुनाफा देने का वादा करते थे। वह आसपास के एरिया में बैठकों का आयोजन करते व कंपनी के बारे में बड़ी-बड़ी बातेें करके लोगों को आकर्षित करते।
चिटफंड फ्रॉड के नियमानुसार जो भी लोग ऐसी किसी योजना मेें भाग लेते हैं, उसके बारे में प्रचार करते हैं या सहायता करते हैं, वे भी कानून के अनुसार सजा के लिए उत्तरदायी होते हैं। इसी नियम के अनुसार दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। दोनों से पूछताछ की जा रही है।
-वीसी सजनार, पुलिस आयुक्त साइबराबाद पुलिस