अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। बैंक में जमा राशि जब वापस नहीं मिली तो परेशान मजदूर ने बैंक परिसर में ही जहर खा लिया। बाद में मजदूर को नागरिक अस्पताल में दाखिल करवाया गया। जानकारी के अनुसार गांव दौलतपुर निवासी कुलदीप मजदूरी का काम करता है। उसकी तीन बेटियां व एक बेटा हैं। करीब पांच साल पहले कुलदीप ने शहर के एक बैंक में 40 हजार रुपये फिक्सड डिपॉजिट में जमा करवाए थे। पांच साल बाद इस फिक्सड डिपॉजिट राशि पर ब्याज सहित 60 हजार रुपये वापस मिलने थे। कुलदीप ने बताया कि उसकी जमा राशि के पांच साल दो अप्रैल को पूरे हो गए। समय पूरा होते ही उसने सभी जरूरी कागजात बैंक में जमा करवा दिए, लेकिन चार महीने बाद भी उसकी जमा राशि वापस नहीं दी जा रही है। इसी परेशानी में उसने बुधवार को बैंक परिसर में ही जहर निगल लिया। मजदूर द्वारा बैंक परिसर में जहर निगलने की घटना से बैंक कर्मी हैरान रह गए और जल्दी से एंबुलेंस मंगवा कर उसे नागरिक अस्पताल में दाखिल करवाया।
बच्चों की देनी है फीस, पैसे नहीं
कुलदीप ने बताया कि उसके तीन बच्चे हैं। तीनों बच्चे पांचवीं, चौथी और तीसरी कक्षा में पढ़ते हैं। दिनभर मेहनत करके उसने पैसे इकट्ठे करके बैंक में जमा करवाए थे, ताकि जरूरत पर मदद मिल सके। अब तीन महीने से उसने बच्चों की फीस भी जमा नहीं करवाई है। फीस नहीं देने के कारण स्कूल वाले अक्सर उसके बच्चों को घर भेज देते हैं। वह अपनी जमा राशि लेने के लिए चार महीने से बैंक के चक्कर लगा रहा है, लेकिन हर बार उसे कोई ना कोई बहाना बनाकर आगे की तारीख दे दी जाती है। वह बुधवार को पैसे लेने बैंक में आया था। बैंककर्मी बोले कि उनके कागजात मेन ब्रांच मुंबई में हैं, इसलिए यहां से पैसे मिलने में और समय लगेगा। बैंक कर्मी द्वारा यह जवाब मिलने के कारण परेशान हो गया और उसने बैंक परिसर में ही जहर खा लिया। पुलिस ने कुलदीप की शिकायत पर केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।