अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
राज्य की सीमा से सटे राजस्थान के राजगढ़ शहर की अदालत के एक कोर्ट रूम में बुधवार दोपहर को गैंगवार हो गई। हथियारों से लैस बदमाशों ने कोर्ट रूम में घुसकर कुख्यात अजय जैतपुरिया को ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर मौत के घाट उतार दिया। उसका दोस्त संदीप और वकील रतन सिंह गोलियां लगने से घायल हो गए। पुलिस ने लारेंस बिश्नोई गैंग के संपत नेहरा, मिंटू, ढाणी कहर के प्रवीण, राजेश, पहाड़ी गांव के अक्षय और अन्य के खिलाफ हत्या, हत्या प्रयास और शस्त्र अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है। फायरिंग में घायल अजय जैतपुरिया और संदीप, रतन को हिसार के निजी अस्पताल में लाया गया। यहां अजय ने दम तोड़ दिया।
हत्या प्रयास और झगड़े के अलग-अलग मामले में बुधवार को अजय की राजगढ़ की कोर्ट में पेशी थी। एक अदालत में पेशी भुगताने के बाद वह दूसरी अदालत में पेशी पर जा रहा था। वह कोर्ट रूम के अंदर गया तो पता चला कि न्यायाधीश नहीं हैं। वह वहां पर बातचीत कर रहा था। इसी दौरान संपत नेहरा साथियों के साथ कोर्ट रूम के अंदर घुस आया। सभी के हाथों में हथियार थे। उन्होंने अंदर घुसते ही गोलियां दागनी शुरू कर दीं। पहली गोली साथी संदीप को लगी। उसके बाद अजय को तीन गोलियां लगीं। वहां मौजूद वकील रतन को छर्रे लगे। बाद में बदमाश हथियारों को लहराते हुए फरार हो गए। साथी अजय को लहूलुहान हालत में पार्किंग में लेकर आए। वे गाड़ी में अस्पताल जाने लगे तो बदमाशों ने फिर से गाड़ी पर दो फायर किए।
सात जनवरी को जमानत पर आया था अजय
राजगढ़ थाना प्रभारी भगवान दास मीणा ने बताया कि जैतपुरा गांव के अजय पर हत्या, हत्या प्रयास, आर्म्स एक्ट और लड़ाई-झगड़े के कई मामले दर्ज हैं। वह हिस्ट्रीशीटर था। वह सात जनवरी को बीकानेर जेल से जमानत पर बाहर आया था। उसकी बुधवार को दो मामलों में राजगढ़ की कोर्ट में पेशी थी। इस दौरान संपत नेहरा ने साथियों के साथ उस पर फायरिंग कर दी और गोली लगने के कारण अजय की मौत हो गई।
दीवार फांदकर परिसर में घुसे बदमाश
बुधवार को पौने एक बजे बदमाश हथियारों से लैस होकर दीवार फांदकर कोर्ट परिसर के अंदर दाखिल हुए। बेखौफ हमलावरों ने कोर्ट रूम में घुसकर दो दर्जन के करीब फायर किए। वे बाद में हथियारों को लहराते हुए कोर्ट परिसर से बाहर निकले। कोर्ट परिसर से बाहर निकलने के बाद फिर फायरिंग की और फरार हो गए।
दोनों गैंग के बीच चल रही है रंजिश
राजगढ़ और उसके आस-पास के एरिया में कुख्यात बदमाश अजय जैतपुरिया का सिक्का चलता था। वहीं दूसरी तरफ लारेंस बिश्नोई गैंग का संपत नेहरा एरिया में अपनी धाक जमाना चाहता है। दोनों गैंग के बीच काफी समय से तनातनी चल रही है। संपत नेहरा ने अपना सिक्का जमाने के लिए अजय की गोली मारकर हत्या की है।
शव राजगढ़ ले गई पुलिस
अजय को उपचार के लिए हिसार के एक निजी अस्पताल में लाया गया। अजय को तीन गोलियां लगी। एक गोली सीने के पास और पेट में। ज्यादा खून बहने के कारण उसकी मौत हो गई। राजगढ़ थाना प्रभारी भगवान दास यहां पर पोस्टमार्टम करवाने की बजाय शव राजगढ़ ले गए। वहां के सरकारी अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा।