एडीजे बसरुद्दीन की कोर्ट ने खरकड़ा निवासी शीशपाल उर्फ संतराम को पत्नी की जलाकर हत्या करने के मामले में 10 साल कैद की सजा सुनाई है।
कोर्ट ने अभियुक्त पर पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न भरने पर उसे अतिरिक्त सजा काटनी होगी। हालांकि दोषी ने मौके पर ही जुर्माना भर दिया।
कोर्ट में चले अभियोग के अनुसार बरवाला थाना में 19 दिसंबर 2012 को केस दर्ज हुआ था। बरवाला के वार्ड 18 में रहने वाले प्यारेलाल ने शिकायत दी थी कि उसकी बेटी संतोष की पति शीशपाल व सास ने मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगाकर हत्या कर दी।
शिकायत में उसने बताया था कि उसे संतोष के मरने से दस दिन पहले सूचना मिली थी कि उसकी बेटी जल गई। बेटी के पति और सास उससे अक्सर मारपीट करते थे।
सूचना के बाद वह उससे मिलने के लिए बरवाला सामान्य अस्पताल पहुंचा। वहां से उसे हिसार रेफर कर दिया गया था। जब वह हिसार पहुंचा तो डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालात को देखते हुए रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया।
प्यारेलाल ने शिकायत में बताया था कि घटना से तीन दिन पहले ही उसकी दोनाें बेटियां सोना व निर्मला उसे ससुराल छोड़कर आईं थी। पुलिस ने आरंभ में इस मामले में हत्या प्रयास का केस दर्ज किया था।
संतोष की मौत होने पर हत्या का केस दर्ज कर लिया गया।