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बाल सुधार गृह से बंदी भागने के मामले में चार पुलिसकर्मी निलंबित

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बाल सुधार गृह (ऑब्जरवेशन होम) से फरार 17 बाल बंदियों में से अभी तक तीन बंदी ही पुलिस के हत्थे चढ़े हैं जबकि 14 पुलिस की पकड़ से दूर हैं। वहीं, ड्यूटी पर तैनात एएसआई समेत चार पुलिस कर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। तीसरे दिन सेशन जज अरुण कुमार सिंघल और प्रिंसिपल मजिस्ट्रेट जसबीर, एडीसी अनिश यादव और डीएसपी नारायणचंद बाल सुधार गृह पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मौके का जायजा लिया।
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जानकारी के मुताबिक वारदात के दौरान ड्यूटी पर तैनात जिला पुलिस के सिपाही विजेंद्र सिंह, रघुविंद्र, विनोद और एएसआई जगराज सिंह को विभागीय कार्रवाई के दौरान सस्पेंड कर दिया गया है। उनके स्थान पर बाल सुधार गृह में अब चार नए मुलाजिम तैनात किए गए हैं। इन मुलाजिमों के लिए बाल सुधार गृह में ही पार्किंग स्थल पर बैठने के लिए एक तंबू भी लगाया गया है। इसके अलावा बाल सुधार गृह में हमले के दौरान घायल तीनों वार्डर के स्थान पर कुछ समय के लिए हिसार सेंट्रल जेल-1 से तीन नए वार्डर तैनात किए गए हैं।
तीसरे बंदी को भी भेजा बाल सुधार गृह
फरार बंदियों में से पुलिस ने एक बंदी को मंगलवार को रिमांड पर लिया था। एक बंदी को अदालत में पेश कर बाल सुधार गृह भेज दिया गया था। हांसी से पकड़े गए तीसरे बंदी को भी बुधवार को अदालत में पेश कर बाल सुधार गृह भेज दिया गया।
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बंद पड़ी कक्षाएं, भटक रहे बंदी
उल्लेखनीय है कि बाल सुधार गृह में बंदियों को सही राह पर लाने के लिए शिक्षा का ज्ञान देने के साथ-साथ कंप्यूटर कक्षाएं भी लगाई जा रही थीं। इसके अलावा योग कक्षाएं भी लगाई जाती थीं, लेकिन ये भी लॉकडाउन के चलते बंद पड़ी हैं। इनमें से सिर्फ एजुकेशन क्लासेज 28 सितंबर से शुरू की गई। यहां तीन शिक्षक बच्चों को प्रतिदिन सुबह से दोपहर तक शिक्षित करने आते हैं।
बाल सुधार गृह में से फरार बंदियों में से अभी तीन बंदी ही पकड़े गए हैं। बाकियों की जिला पुलिस तलाश में लगी है। यहां हमले में घायल तीन वार्डर के स्थान पर हिसार सेंट्रल जेल-1 से तीन नए वार्डर मिले हैं। हमले के दौरान घायल तीनों वार्डर को लेकर भी जांच की जा रही है अगर लापरवाही पाई जाती है तो विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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- कुलदीप शर्मा, अधीक्षक, बाल सुधार गृह
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