आजाद नगर में रहने वाला दंपती इस समय कारोना मरीजों की सेवा करने में जुटा हुआ है। पत्नी कमलेश श्योराण पहले तो फेसबुक, ट्विटर, मैसेंजर व व्हाट्सएप ग्रुप पर कोरोना से ग्रस्त मरीजों को सर्च करती हैं। वहीं उनके पति लक्ष्मण श्योराण उन मरीजों की पहचान कर उनके घरों तक निशुल्क खाने से लेकर दवाइयां तक पहुंचा रहे हैं।
खास बात यह है कि 2 महीने पहले यह दंपती खुद कोरोना की गिरफ्त में आ गया था। एक दूसरे को हौसला दे दंपती ने पहले खुद कोरोना को मात दी। उसके बाद दोनों पति-पत्नी कोरोना मरीजों की सेवा में जुट गए। इस दंपती ने फेसबुक ट्विटर, मैसेंजर, व्हाट्सएप ग्रुप से 400 मरीजों को सर्च किया है। जिनमें से 70 फीसदी से अधिक मरीजों को उनके घर तक दवाइयां व खाना निशुल्क पहुंचा चुके हैं। आजाद नगर में रहने वाले इस दंपती से मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, हरियाणा, पंजाब सहित कई राज्यों में रहने वाले मरीज संपर्क साध रहे हैं।
कोरोना काल में बनाए दो व्हाट्सएप ग्रुप
डेढ़ माह पहले कमलेश और लक्ष्मण ने कोरोना से ग्रस्त मरीजों तक खाना व दवाइयां पहुंचाने के लिए दो व्हाट्सएप ग्रुप बनाए, जिनमें पहला ग्रुप 'कॉविड नवोदय शक्ति फूड सप्लाई' बनाया। इसके अंतर्गत ग्रुप में शामिल होने वाले सदस्य कोरोना से ग्रस्त मरीजों को उनके घर तक खाना जूस सहित अन्य फल निशुल्क रूप से उन तक पहुंचा रहे हैं। दूसरे ग्रुप 'कोविड नवोदय शक्ति मेडिकल' में मरीजों तक दवाइयां पहुंचाई जा रही हैं।
50 डॉक्टरों की लिस्ट करेंगे तैयार, जो ऑनलाइन देंगे परामर्श
शिक्षक लक्ष्मण श्योराण ने बताया कि दिल्ली एम्स, अपोलो हॉस्पिटल, गुरुग्राम, राम मनोहर लोहिया सहित बरवाला के कुछ निजी हॉस्पिटल के डॉक्टरों की एक टीम बनाई है, जो मंगलवार से कोरोना से ग्रस्त मरीजों को ऑनलाइन परामर्श कर बचाव के तरीके बताएंगे।
ये चिकित्सक दे रहे साथ
शिक्षक लक्ष्मण श्योराण ने बताया कि उनकी इस मुहिम में कुछ चिकित्सक भी उनका साथ निभा रहे हैं, जिनमें डॉ. राजेश रेडू, डॉ. सविता मान, डॉ. नरेंद्र भुक्कल, डॉ. रामनिवास, डॉ. सरिता दूहन, डॉ. मीनू गोयल व डॉ. हेमकांत शर्मा शामिल हैं।