अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय पाराशर की अदालत ने हमला कर घायल करने और जान से मारने की धमकी देने के जुर्म में सिसाय के वीरेंद्र राणा और शिव कॉलोनी के पूर्णचंद बालोदिया को मंगलवार को दोषी करार दिया। उनको बुधवार को सजा सुनाई जाएगी। अदालत ने सूर्यनगर के पवन, रिंकू और अंजन को बरी कर दिया।
अदालत में चले अभियोग के अनुसार सूर्य नगर में वारदात के दिनों एक जाट परिवार और वाल्मीकि समुदाय के बीच बाइक की भैंस को टक्कर लगने के बाद टकराव हो गया था। वहां माहौल तनावपूर्ण था। वहां 15 जून 2010 को सीआईडी के एएसआई जगजीत कुमार को तेज धारदार हथियार से वारकर घायल कर दिया गया था। वह अब एसआई हैं। हमले के बाद सीआईडी के एएसआई भूषण कुमार ने पुलिस को शिकायत देकर कहा था कि वह, एएसआई जगजीत कुमार और पुलिस का एसएईचसी राजसिंह दो समुदायों में तनावपूूर्ण माहौल के चलते सूर्य नगर में ड्यूटी पर तैनात थे।
वहां वाल्मीकि समुुदाय के 100-125 पुरुष, स्त्री और बच्चे बैठक कर रहे थे। हम सादे लिबास में सूचना इकट्ठी कर रहे थे। लोग लाठी, डंडे और तलवार लिए बैठे थे। वहां शिव कॉलोनी के पूर्णचंद बालोदिया ने ललकारा मार कहा कि यह आदमी सीआईडी का है। अपनी बातें प्रशासन तक पहुंचाता है, इसे खत्म कर दो। पूर्ण ने तलवारनुमा और वीरेंद्र ने चाकूनुमा हथियार से जगजीत के सिर पर वार कर दिया। कुछ और लोगों ने उन पर डंडों से हमला किया और मारपीट की। वे किसी तरह उनके चंगुल से छूटे और फिर जगजीत को एक निजी अस्पताल में दाखिल कराया। सिटी थाना पुलिस ने इस संबंध में सरकारी ड्यूटी में बाधा पहुंचाने, हत्या प्रयास, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का केस दर्ज किया था।