हांसी। नगर परिषद के गृह कर शाखा इंचार्ज लिपिक भूप सिंह व परिषद के बाहर चाय की दुकान चलाने वाले दुकानदार को एसीबी हिसार की टीम ने रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार किया। प्रॉपर्टी आईडी को दुरुस्त करने के लिए 5 हजार रुपये की रिश्वत के साथ दोनों को गिरफ्तार किया। कार्रवाई बैंक कॉलोनी निवासी सुमित कथूरिया की शिकायत पर की गई।
सुमित के अनुसार उसका बैंक कॉलोनी में प्लॉट है। प्लॉट मालिक का नाम गृह कर में दर्ज नहीं था व जगह भी गलत दर्ज थी। इसे ठीक करवाने के लिए वह नगर परिषद कार्यालय में गया। कई चक्कर काटे लेकिन उसका नाम नहीं हुआ। बाद में शाखा के इंचार्ज भूप सिंह ने उसके प्लॉट की प्रॉपर्टी आईडी में नाम दर्ज करवाने व जगह को ठीक करने के लिए 6 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। जिसमें से एक हजार रुपये 19 मार्च को दे चुका था। बाकी के पांच हजार वीरवार को देने थे।
सुमित ने बताया कि वह यह रकम लेकर गृह कर शाखा में पहुंचा। जहां पर भूप सिंह ने उसे कार्यालय के बाहर बनी चाय की दुकान पर यह राशि रखने के लिए कहा। भूप सिंह के कहे अनुसार उसने यह राशि बाहर दुकान पर रख दी। सुमित ने बताया कि भूप सिंह के रिश्वत मांगने की वीडियो बना ली थी। एसीबी की टीम ने कार्रवाई करते हुए दुकानदार से 5 हजार रुपये बरामद किए। रेड इंस्पेक्टर जय सिंह के नेतृत्व में की गई। टीम में इंस्पेक्टर अजीत, हेड कांस्टेबल पवन कुमार व वीरेंद्र, महिला कांस्टेबल पूजा व अन्य शामिल रहे। टीम द्वारा भूप सिंह व चाय की दुकान चलाने वाले दुकानदार धर्मवीर उर्फ नानू को गिरफ्तार कर लिया। टीम दोनों को हिसार लेकर गई है। टीम द्वारा भूप सिंह व दुकानदार से पूछताछ भी कई गई। सुमित द्वारा रिश्वत के संदर्भ में की गई रिकॉर्डिंग टीम को सौंपी गई है।
लोगों ने की परिषद में भ्रष्टाचार की शिकायत
सूचना मिलने के बाद काफी संख्या में पार्षद व शहर के लोग वहां एकत्रित हो गए। इस दौरान लोगों ने एसीबी टीम के समक्ष परिषद के अधिकारियों व कर्मचारियों पर इस तरह के कामों में रिश्वत मांगने के आरोप लगाए। टीम ने उनसे इस मामले में सबूतों सहित कार्यालय में शिकायत लेकर आने के लिए कहा।
बहुत समय से तनाव में था
इस काम को लेकर परिषद कार्यालय में कई बार चक्कर काट चुका था, लेकिन काम नहीं हो रहा था। भूप सिंह व अन्य ने मुझे परेशान कर रखा था। इसको लेकर काफी तनाव में भी था। उसने रिश्वत मांगी तो मैंने शिकायत की। मेरे पास इससे संबंधित रिकॉर्डिंग भी है। जो मैंने एसीबी को सौंप दी है। - सुमित कथूरिया, शिकायतकर्ता
हम तो किराये के मकान में रहते हैं। अगर इतनी रिश्वत लेते तो सेक्टर में मकान बना लेते, किराये के मकान में नहीं रहते। हमारे ऊपर कर्जा भी है। मेरे पति को फंसाया गया है। - बिमला, भूप सिंह की पत्नी
परिषद कार्यालय के सामने है दुकान
धर्मवीर उर्फ नानू के पिता परिषद में इलेक्ट्रिशियन के पद पर है। वह परिषद कार्यालय के सामने सरकारी क्वार्टर में रहते हैं। यहीं पर नानू ने चाय की दुकान बना रखी थी। एसीबी द्वारा उसकी भूमिका की भी जांच की जाएगी। वहीं भूप सिंह के परिवार में पत्नी, तीन बेटी व एक बेटा है। वर्ष 1997 में वह नौकरी लगा था। भूप सिंह को ऊंचा सुनाई देता है। अक्सर वह कानों में मशीन लगाए हुए भी देखा गया है।