हिसार। हरियाणा एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने एचटीएम थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मुकदमे में फंसाने का डर दिखाकर 70,000 रुपये की रिश्वत लेने के मामले में बुधवार को आरोपी पूर्व जिला पार्षद जिले सिंह को अदालत में पेश किया, जहां से आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। हिसार की एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने एचटीएम थाने में तैनात एसआई महेंद्र सिंह और जिले के सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत केस दर्ज किया था। इस संबंध में न्यू महाबीर कॉलोनी में रहने वाले संदीप कुमार ने एंटी करप्शन ब्यूरो को शिकायत दी थी।
एसीबी को दी गई शिकायत में न्यू महाबीर कॉलोनी में रहने वाले संदीप कुमार ने बताया था कि दो दिसंबर को एचटीएम थाना पुलिस ने मेरे जीजा जोगेंद्र के पिता फूल सिंह को मादक पदार्थ अधिनियम के तहत केस दर्ज कर गिरफ्तार किया था। इसके बाद इसका पता करने के लिए पूर्व जिला पार्षद श्याम विहार कॉलोनी निवासी जिले सिंह के साथ एचटीएम थाना गया तो पता चला कि मेरे जीजा का नाम भी आया हुआ है। वहां पर तैनात एसआई महेंद्र सिंह ने कहा कि एक लाख रुपये नहीं दिए तो तुम्हारे खिलाफ एनडीपीएस का केस दर्ज कर दूंगा।
जिले सिंह के माध्यम से नाम निकलवाने की एवज में एक लाख रुपये की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद निरीक्षक सत्यपाल के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया। शिकायतकर्ता संदीप कुमार को 500-500 रुपये के 140 नोट दिए। जब संदीप कुमार ने कौशिक नगर में जिले सिंह को रिश्वत के 70,000 रुपये दिए तो टीम ने उसे रंगेहाथों पकड़ लिया। निरीक्षक सत्यपाल ने बताया कि आरोपी जिले सिंह को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया। आरोपी पुलिस कर्मी एसआई महेंद्र सिंह की तलाश में छापे मारे जा रहे हैं।