हिसार। पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में गिरफ्तार ज्योति मल्होत्रा को मंगलवार को सिविल जज सुनील कुमार की अदालत में व्यक्तिगत तौर पर पेश किया गया। इस दौरान उन्हें संशोधित चार्जशीट की प्रति सौंपी गई। चार्जशीट के कुछ संवेदनशील हिस्से ज्योति मल्होत्रा को उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। मामले की अगली सुनवाई एक अक्तूबर को होगी जो वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए होगी।
एडवोकेट कुमार मुकेश ने बताया कि पुलिस ने ज्योति मल्होत्रा के खिलाफ 14 अगस्त को करीब 2500 पेज की चार्जशीट अदालत में दाखिल की थी। इसके साथ ही अदालत से अनुरोध किया गया था कि इसके कुछ हिस्से आरोपी को न दिए जाएं। इसके बाद पुलिस ने 25 अगस्त को संशोधित चार्जशीट दाखिल की थी। मंगलवार को अदालत ने ज्योति को संशोधित चार्जशीट की प्रति सौंपी। एक अक्तूबर को अदालत यह जांच करेगी कि ज्योति को दी गई प्रति और पुलिस द्वारा जमा कराई गई प्रति में किसी तरह का अंतर तो नहीं है। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।
एडवोकेट कुमार मुकेश ने बताया कि डिफॉल्ट बेल खारिज किए जाने के आदेश की प्रति मिल गई है जिसका अध्ययन कर लिया गया है। जल्द ही रिविजन पिटीशन दाखिल की जाएगी। वकील ने तर्क दिया था कि पुलिस को 90 दिन के भीतर जांच पूरी करनी चाहिए थी और 14 अगस्त तक जांच पूरी न होने पर ज्योति को डिफॉल्ट बेल मिलनी चाहिए थी लेकिन अदालत ने यह याचिका खारिज कर दी थी। ज्योति मल्होत्रा को 16 मई को पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस ने दिया मीडिया को चकमा
ज्योति मल्होत्रा को अदालत में पेश करने के दौरान पुलिस ने मीडिया को चकमा दे दिया। अब तक पुलिस ज्योति को लघु सचिवालय के मुख्य गेट से लेकर आती रही थी। मंगलवार को भी मीडिया कर्मी मुख्य गेट पर इंतजार करते रहे लेकिन इस बार पुलिस ने लंच के बाद ज्योति को सामान्य कैदियों की तरह गेट नंबर एक से अदालत में पेश कर दिया।