ठेकेदारों ने 4 सामुदायिक केंद्रों को लेने से मना कर दिया है। अब नगर निगम प्रशासन इन ठेकेदारों की 5.50 लाख रुपये की सिक्योरिटी राशि जब्त करने की तैयारी कर रहा है। साथ ही इन सामुदायिक केंद्रों को अपने अधीन भी ले रहा है।
बता दें कि नगर निगम ने अपने सभी सामुदायिक केंद्रों को संचालन के लिए तीन वर्ष के लिए ठेके पर दिया था। शर्त यह थी कि ठेकेदारों को इनकी मरम्मत भी खुद ही करवानी थी। इस दौरान सेक्टर 13, सेक्टर 16-17, पीएलए व सातरोड खास के सामुदायिक केंद्र तीन ठेकेदारों को दिए गए। मगर इन ठेकेदारों ने इन्हें लेने से ही मना कर दिया। उनका तर्क था कि अगर निगम प्रशासन इन सामुदायिक केंद्रों की मरम्मत करवाकर उन्हें सौंपता है तो वे इन्हें लेने को तैयार हैं। अगर निगम इनकी मरम्मत नहीं करवाता है तो वह इन सामुदायिक केंद्रों को नहीं लेंगे। उन्हें उनकी जमा राशि व सिक्योरिटी राशि ब्याज सहित लौटा दी जाए। ठेकेदारों ने कहा कि उनकी तरफ से इन सामुदायिक केंद्रों की कोई बुकिंग नहीं की गई है। इन 4 सामुदायिक केंद्रों से निगम प्रशासन को 3 साल में 1.36 करोड़ रुपये की आय होनी थी। सेक्टर 16-17 का सामुदायिक केंद्र 15 लाख रुपये, सेक्टर 13 व पीएलए का 15.10 लाख रुपये और सातरोड़ खास का सामुदायिक केंद्र 35 हजार रुपये प्रति वर्ष आय होनी थी।
3 ठेकेदारों ने 4 सामुदायिक केंद्रों को लेने से मना कर दिया, जबकि उन्हें टेंडर अलॉट किया जा चुका है। इन ठेकेदारों की सिक्योरिटी राशि जब्त की जाएगी। - प्रदीप दहिया, निगमायुक्त