हिसार। पांच वर्ष की वारंटी वाली एलईडी तीन वर्ष में ही खराब हो गई तो पीड़ित ने इसकी शिकायत कंपनी के टोल फ्री नंबर पर की। उसके बाद उसकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो उसने इसकी शिकायत उपभोक्ता फोरम में की। इस पर उपभोक्ता फोरम ने फैसला सुनाते हुए दुकानदार को नई एलईडी देने का आदेश दिया।
मामले के अनुसार गांव ढाणी रायपुर निवासी कैलाश द्वारा अक्तूबर 2016 को डोगरान मोहल्ला स्थित भगवती इलेक्ट्रॉनिक्स से 23 हजार रुपये में एलईडी खरीदी। एलईडी वर्ष अगस्त 2019 के पहले सप्ताह में खराब हो गई। कैलाश ने कंपनी के टोल फ्री नंबर पर फोन किया तो कंपनी में से एक व्यक्ति उसके घर आया। कैलाश के अनुसार वह व्यक्ति उससे कस्टमर विजिट फीस के 500 रुपये भी ले गया। इसके बावजूद उसकी एलईडी ठीक नहीं हुई। कई बार वह कंपनी कार्यालय में भी जाकर आया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। इसके बाद पीड़ित कैलाश ने भगवती इलेक्ट्रॉनिक्स और गुरुग्राम के उद्योग विहार स्थित वीडियोकॉन कंपनी कार्यालय के खिलाफ उपभोक्ता फोरम में केस दायर किया।
देनी होगी नई एलईडी या 23 हजार रुपये
मामले में उपभोक्ता फोरम के पीठासीन सदस्य राजबीर सिंह ने फैसला सुनाया कि या तो कैलाश को एलईडी बदलकर नई एलईडी दी जाए या फिर एलईडी की कीमत 23 हजार रुपये अदा किए जाएं। इसके अलावा कंपनी को पांच हजार रुपये मुआवजे के तौर पर कैलाश को देने के आदेश भी सुनाए। फोरम ने आदेश दिए कि यह राशि 45 दिन में अदा करनी होगी। अगर 45 दिन में ये राशि अदा नहीं की गई तो आठ प्रतिशत ब्याज के साथ चुकानी होगी।