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Hisar News: कांग्रेस के शहरी जिलाध्यक्ष बजरंग गर्ग ने दिया इस्तीफा, एक साल पहले मिला था दायित्व

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हिसार। कांग्रेस के शहरी जिलाध्यक्ष बजरंग गर्ग ने सोमवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। गर्ग को पिछले साल अगस्त में ही यह दायित्व सौंपा गया था। पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा के करीबी गर्ग ने हरियाणा प्रभारी संजय दत्त और प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह को भेजे इस्तीफे में निजी कारणों का हवाला दिया है लेकिन पार्टी सूत्र इसके पीछे गुटबाजी को बड़ा कारण मान रहे हैं।
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सूत्र बताते हैं कि गुटबाजी की गतिविधियों में शामिल रहने के चलते प्रदेश में 7 जिलाध्यक्ष बदले जाने हैं जिनमें हिसार का नाम भी शामिल है। संभवत: इसी वजह से गर्ग ने पद छोड़ा। गर्ग ने इस्तीफे में लिखा कि सामाजिक व धार्मिक कार्यों में अधिक व्यस्त रहने के कारण वे पार्टी को ज्यादा समय नहीं दे पा रहे हैं। इस कारण पद से इस्तीफा दे रहे हैं। हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल अध्यक्ष होने के चलते उनका अलग-अलग जिलों व्यापारियों के पास जाना होता है। उनकी समस्याओं को लेकर लगातार दौरे होते हैं। इसके अलावा उनके पास अग्रोहा धाम, हिसार में पीजीएसडी संस्थाओं की जिम्मेदारी भी है। ऐसे में जिलाध्यक्ष के तौर पर वे संगठन कार्यों के लिए पूरा समय नहीं दे पा रहे थे।
गर्ग की नकारात्मक रिपोर्ट मिल रही थी, एक मंच नहीं दिखे दोनों अध्यक्ष
हिसार शहरी जिलाध्यक्ष बजरंग गर्ग के बारे में लगातार नकारात्मक रिपोर्ट मिल रही थी। ग्रामीण व शहरी जिलाध्यक्ष के बीच तालमेल नहीं बन पा रहा था। शहरी अध्यक्ष पिछले एक साल में एक भी कार्यक्रम में ग्रामीण जिलाध्यक्ष बृजलाल के साथ नजर नहीं आए। ऐसे में लगातार गुटबाजी की शिकायतें कांग्रेस नेतृत्व के पास पहुंच रही थी। साल भर में देखा गया कि हर बार जिला स्तर पर दो-दो प्रदर्शन व अन्य आयोजन हो रहे थे। कांग्रेस के पदाधिकारियों की ओर से इस बारे में रिपोर्ट भेजी जा रही थी। ऐसे में कांग्रेस अब सख्त संदेश देना चाहती है कि काम नहीं करने वालों और गुटबाजी करने वालों को पद नहीं दिए जाएंगे। भविष्य में लोकसभा- विधानसभा चुनाव के समय टिकट देते समय भी खराब परफॉर्मेंस वालों का रिकॉर्ड देखा जाएगा। सूत्रों के अनुसार इस बार राहुल गांधी हरियाणा के संगठन को खुद संभाल रहे हैं। उन्होंने जिलाध्यक्षों को अपनी परफॉर्मेंस दिखाने के लिए एक साल का समय दिया था। सर्वे में पाया कि 22 जिलों में से 15 का काम ही संतोषजनक है। हालांकि बजरंग गर्ग ने इस्तीफे की पुष्टि करते हुए कहा कि जिलाध्यक्ष बदलने जाने की चर्चाओं का कोई आधार नहीं है और न ही उन्होंने इस वजह से पद छोड़ा है।
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