जिंदल पुल के टूटे हिस्से में लेंटर डाल दिया गया है। कंकरीट सूखने के बाद चार से पांच दिन पश्चात इसे खोल दिया जाएगा। यहां डाले गए कंकरीट के सैंपल लिए गए हैं। सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद ही इसे भारी वाहनों के लिए खोला जाएगा।
जिंदल पुल में शुक्रवार को कंकरीट डालने का काम पूरा किया गया। पहले से लगे सरिया के साथ दो क्विंटल के नए सरिया को जोड़ा गया है। सरिए के साथ कंकरीट की मजबूत पकड़ के लिए इसमें फिक्सअप डाला गया। कंकरीट में कुछ केमिकल भी डाले गए हैं, जिससे कंकरीट जल्द सूख जाएगा।
स्लैब को पुल के हिस्से के साथ बेहतर तरीके से जोड़ने के लिए इनोक्सी बांड नामक केमिकल लगाया गया। इधर, खतरे को दरकिनार करते हुए बड़े वाहन बे रोक टोक पुल के ऊपर से आ जा रहे हैं। इन्हें कोई नहीं रोक रहा है, जबकि भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई हुई है।
कंकरीट के सैंपल लिए
कंकरीट के सैंपल लिए गए हैं। इन सैंपल को लैब में भेजा जाएगा। जहां इसका प्रेशर टेस्ट होगा। जिसके जरिए यह पता लग सकेगा कि स्लैब का यह हिस्सा कितना वजन सहन कर पाएगा। इस सैंपल की रिपोर्ट को पीडब्ल्यूडी के उच्च अधिकारियों को भेजा जाएगा।
यहां सैंपल रिपोर्ट के बाद पुल के इस हिस्से को खोलने के बारे में फैसला लिया जाएगा। पुल के हिस्से का निर्माण कर रही टेक्निकल टीम ने बताया कि चार से पांच दिन में कंकरीट सूख जाएगा। इसे बाद इसे भारी वाहनों के लिए खोल दिया जाएगा। टीम की ओर से तीन दिन बाद इसका मुआयना किया जाएगा। फिर इसे खोलने के निर्देश जारी किए जाएंगे।
आरओबी के क्षतिग्रस्त हिस्से में कंकरीट डालने का काम पूरा हो गया है। चार पांच दिन में इसे वाहनों के लिए खोल दिया जाएगा। कंकरीट सूखने तक भारी वाहनों के लिए इसे बंद रखा जाएगा। जांच के लिए इसके सैंपल भी लिए गए हैं।
- एचएम सिंगला, अधीक्षक अभियंता, पीडब्ल्यूडी, हिसार