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मार्केट कमेटी कार्यालय में व्यापारियों का हंगामा, सचिव सुल्तान पर लगाए रिश्वत लेने के आरोप

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फोटो 19 व 20
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मार्केट कमेटी कार्यालय में व्यापारियों का हंगामा
सचिव सुल्तान पर लगाए रिश्वत लेने के आरोप
- एडिशनल अनाज मंडी की दुकानों की कंपलीशन में रिश्वत लेने और न देने पर 15 दुकानों की फाइलें अटकाने के आरोप
- मंडी एसोसिएशन ने दी चेतावनी-दो दिन में एक्सटेंशन फीस नहीं हटाई तो मार्केट कमेटी कार्यालय पर जड़ देंगे ताला
अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। नई अनाज मंडी में दुकानों की कंपलीशन मामले को लेकर वीरवार को मार्केट कमेटी कार्यालय में हुई बैठक में जमकर हंगामा हुआ। व्यापारियों ने कमेटी प्रशासन पर दुकानों की कंपलीशन रोकने व गलत तरीके से एक्सटेंशन फीस थोपने का आरोप लगाया। साथ ही व्यापारियों ने सचिव सुल्तान सिंह पर पांच-पांच लाख रुपये रिश्वत लेकर गलत ढंग से रजिस्ट्रियां करवाने के आरोप भी जड़े। इस दौरान व्यापारियों ने मार्केट कमेटी कार्यालय में सचिव के खिलाफ नारेबाजी की और गलत तरीके से लगाई एक्सटेंशन फीस रद्द करवाने एवं कंपलीशन जल्द जारी करवाने की मांग की। मंडी एसोसिएशन के प्रधान छबीलदास केडिया ने कहा कि यदि सचिव दुकानों पर गलत तरीके से लगाई गई एक्सटेंशन फीस को दो दिनों में नहीं हटाया तो वह मार्केट कमेटी कार्यालय को ताला जड़ दिया जाएगा।
यह है मामला
नई अनाज मंडी में वर्ष 2003 में एडिशनल मंडी काटकर यहां 20 प्लॉट खुली नीलामी के जरिये दिए गए। इन प्लॉट धारकों को वर्ष 2004 में पजेशन दी गई। पजेशन के दो वर्ष में निर्माण करना होता है, अन्यथा साल दर साल मार्केट कमेटी एक्सटेंशन फीस चार्ज करती है। व्यापारियों के मुताबिक वर्ष 2006 से पहले अधिकतर दुकानों का निर्माण कर लिया गया। मार्केट कमेटी ने खुद यहां निर्माण को लेकर वर्ष 2005 में नोटिस जारी किए हैं। कुछ दुकानों को कमेटी ने ही 2006 में आढ़त का लाइसेंस दिया है। बिजली मीटर का रिकॉर्ड दिया गया है। प्रॉपर्टी टैक्स का रिकॉर्ड कमेटी को दिया है। मगर इसके बावजूद एक्सटेंशन फीस नहीं हटाई जा रही।
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एक्सटेंशन फीस की वजह से अटका है पेंडिंग
मार्केटिंग बोर्ड के पीपी पोर्टल पर जो भी व्यापारी पेंडिंग जमा करवाता है तो वहां एक्सटेंशन फीस जुड़कर चालान जेनरेट होता है। बोर्ड ने वन टाइम सेटलमेंट स्कीम जारी की है, जिसका लाभ व्यापारी लेना चाहते हैं। मगर कमेटी प्रशासन जानबूझकर एक्सटेंशन फीस नहीं हटा रहा। व्यापारियों के मुताबिक कंपलीशन को लेकर विवाद है। मगर व्यापारियों ने जो निर्माण वैध नहीं हो सकते, वह हटा लिए हैं और जिनका जुर्माना बनता है, वह भर चुके हैं। जिन दुकानदारों ने जुर्माना नहीं भरा, वह भरने को तैयार हैं। मगर बार-बार कंपलीशन भी रोकी जा रही है।
मार्केटिंग बोर्ड में जा चुका है मामला
एडिशनल मंडी में पांच दुकानों की कंपलीशन जारी करने का आरोप भी व्यापारी सचिव पर लगा रहे हैं। उनके मुताबिक सचिव ने रिश्वत लेकर बिना जुर्माने के कंपलीशन सर्टिफिकेट जारी किए हैं। इसकी शिकायत पर बोर्ड की टीम भी निरीक्षण कर चुकी है। व्यापारियों के मुताबिक 31 अगस्त से पहले यदि बोर्ड अपना जुर्माना निर्धारित कर उन्हें बता देता है तो वह भी स्कीम का लाभ उठा सकते हैं।
मालिक के बिना रजिस्टरी करने के आरोप
व्यापारियों ने आरोप लगाया कि मंडी में एक बूथ की रजिस्ट्री भी कमेटी प्रशासन ने फर्जी तरीके से करवाई है। इस दुकान के असली मालिक का पता नहीं है। सिर्फ शपथ पत्र के आधार पर रजिस्ट्री की गई है। व्यापारियों ने सारे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर सचिव पर कार्रवाई की मांग की है।
बिजली मंत्री व भाजपा प्रदेशाध्यक्ष के सामने भी रखा था मामला
इससे पहले एडिशनल अनाज मंडी के व्यापारी इस मामले को भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ व बिजली मंत्री रणजीत सिंह चौटाला के सामने उठा चुके हैं। इस दौरान व्यापारियों ने एडिशनल मंडी में कुछ दुकानों की फर्जी रजिस्ट्रियां करवाने का आरोप लगाया था।
वर्जन
एडिशन मंडी में पांच दुकानों को कंपलीशन जारी की गई है। बाकी 15 दुकानदार भी जुर्माना अदा कर कंपलीशन चाहते हैं। नाजायज तरीके से एक्सटेंशन फीस दुकानों पर लगाई है। यह नहीं हटाई गई तो मार्केट कमेटी कार्यालय को ताला जड़कर प्रदर्शन करेंगे।
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- छबीलदास केडिया, प्रधान, अनाज मंडी एसोसिएशन
वर्जन
मुझ पर रिश्वत लेने के लगाए गए आरोप निराधार हैं। मार्केटिंग बोर्ड इस मामले की जांच कर रहा है। पिछले दिनों बोर्ड की टीम यहां आई थी। एक्सटेंशन फीस मामले में व्यापारियों ने जो मार्केट कमेटी को सुबूत दिए थे, वो सिफारिश के साथ मार्केटिंग बोर्ड को भेज दिए जाएंगे कि एक्सटेंशन फीस हटाई जाए।
- सुल्तान सिंह, सचिव, मार्केट कमेटी
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अमित भारद्वाज
अमित भारद्वाज
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