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छेड़छाड़ के आरोपियों को बचाने के लिए जमकर हंगामा

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 पुलिस लाइन स्थित डीएवी पुलिस पब्लिक स्कूल में एक महिला टीचर के तीन स्टाफ सदस्यों पर छेड़छाड़ का मुकदमा दर्ज करवाने पर आरोपी पक्ष के परिजन और पीएलए कॉलोनी के लोग भड़क गए। आरोपियों के परिजनों और स्कूल के विद्यार्थियों ने पूरे मामले को झूठा बताते हुए बुधवार को स्कूल में जमकर हंगामा किया और तोड़फोड़ की।
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 इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने प्रिंसिपल रूम में घुसकर उनके साथ धक्कामुक्की भी की और उनकी गाड़ी के शीशे तोड़ दिए। स्कूल के विद्यार्थियों समेत गुस्साए लोगों ने स्कूल के कमरों के शीशे और गमले भी तोड़ डाले। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को स्कूल से खदेड़ा।

छेड़छाड़ के तीनों आरोपियों टीजीटी टीचर आनंद गुप्ता, अंग्रेजी टीचर नवदीप और क्लर्क कृष्ण कुमार को पुलिस ने मंगलवार को शिकायत मिलने के बाद गिरफ्तार कर लिया था। बुधवार को कोर्ट द्वारा जेल में भेजने की सूचना मिलने पर उनके पक्ष में लोगों ने हिसार-चंडीगढ़ हाईवे पर दोपहर 12 से पौने तीन घंटे तक जाम लगा दिया।
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 प्रदर्शनकारियों ने प्रिंसिपल राजेंद्र सचदेवा पर साजिश के तहत तीनों लोगों को फंसाने का आरोप लगाया। प्रिंसिपल के खिलाफ शिकायत लिखने पर ही प्रदर्शनकारी माने। वहीं, एक महिला शिक्षक ने प्रिंसिपल के खिलाफ भी यौन उत्पीड़न की शिकायत दी।   


डीएवी सीनियर सेकेंडरी स्कूल की एक महिला टीचर ने स्कूल के टीजीटी टीचर आनंद गुप्ता, अंग्रेजी टीचर नवदीप और क्लर्क कृष्ण कुमार पर आरोप लगाया कि उक्त लोगों ने उसके साथ छेड़छाड़ की। महिला टीचर ने यह भी आरोप लगाया कि वे ये स्टाफ सदस्य उन्हें पिछले छह माह से परेशान कर रहे हैं और जहां भी वे जाती हैं, उन पर नजर रखते हैं।

सदर पुलिस ने महिला टीचर की शिकायत पर तीनों के खिलाफ मंगलवार को केस दर्ज कर लिया। देर रात पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार भी कर लिया। इस पर तीनों के परिजन भड़क गए। तीनों की पत्नियों समेत सैकड़ों लोग बुधवार सुबह स्कूल में पहुंच गए।

उन्होंने आरोप लगाया कि जिस महिला टीचर ने आरोप लगाया है वह झूठ है और इसके पीछे प्रिंसिपल और महिला टीचर की साजिश है। करीब 10 बजे भीड़ प्रिंसिपल कार्यालय में घुस गई। महिलाओं ने प्रिंसिपल के साथ धक्का मुक्की की। अन्य स्टाफ ने बीच बचाव कर उन्हें बचाया।

सूचना पर मौके पर पुलिस पहुंच गई। भारी पुलिस ने उन्हें कार्यालय से बाहर निकाला। गुस्साई भीड़ और स्कूल के विद्यार्थियों ने तोड़फोड़ शुरू कर दी। प्रिंसिपल और महिला टीचर के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

 उन्होंने मांग की कि गिरफ्तार किए गए तीनों स्टाफ सदस्यों को छोड़ा जाए। केस रद हो और झूठी शिकायत दिलवाने वाले प्रिंसिपल और महिला टीचर के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो। उधर, पुलिस ने तीनों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।

 परिजनों को जैसे ही इस बारे में पता चला वे चंडीगढ़ हाईवे पर पहुंच गए और दोपहर 12 से पौने 3 बजे तक जाम लगा दिया। जाम के कारण यातायात प्रभावित रहा और आम लोगों को भारी परेशानी हुई।

 एएसपी मनीषा चौधरी के समझाने पर तथा प्रिंसिपल के खिलाफ शिकायत लिखे जाने पर जाम खोलने के लिए परिजन राजी हुए। एक अन्य महिला टीचर ने प्रिंसिपल के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायत दी, जिसके बाद जाम खोला गया।
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