हिसार। यदि जमीनी स्तर पर खेल सुविधाएं बढ़े तो कॉमनवेल्थ गेम्स जैसी बड़ी प्रतियोगिताओं में देश के खेमे में पदकों की संख्या भी बढ़ेगी। कोई भी गेम हो खिलाड़ी पदक के लिए मेहनत करता है। कॉमनवेल्थ गेम्स में खिलाड़ियों से काफी उम्मीदें हैं। वर्ष 2018 में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में हरियाणा के खिलाड़ियों का न केवल उम्दा प्रदर्शन रहा, बल्कि पदक जीतने में भी कोई कसर नहीं छोड़ी। इस बार कॉमनवेल्थ में भाग लेने जा रहे हरियाणा के सभी खिलाड़ी पदक जीतकर लाएंगे।
यह कहना है वर्ष 2018 में कॉमनवेल्थ गेम्स में कांस्य पदक जीतने वाली हिसार के सेक्टर-15 की रहने वाली पहलवान किरण गोदारा का। कॉमनवेल्थ गेम्स 28 जुलाई से लेकर 8 अगस्त तक बर्मिंघम में होंगे। किरण गोदारा का कहना है कि इंडिया कैंप में खिलाड़ियों को सुविधाओं की कोई कमी नहीं रहती है। खाने से लेकर गेम की हर सुविधा मिलती है। हालांकि राज्य स्तर पर सरकार की ओर से खेल सुविधाओं में सुधार किया गया है। पहले के मुकाबले सुविधाएं बढ़ी हैं। इसकी बदौलत खिलाड़ी पदक भी ला रहे हैं, मगर अभी भी जमीनी स्तर पर काम करने की जरूरत है। कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीतने के लिए खिलाड़ी पिछले काफी समय से पसीना बहा रहे हैं। खिलाड़ियों की मेहनत रंग लाएगी। वैसे भी खेलों में हरियाणा के खिलाड़ियों का दबदबा रहा है, जोकि इस बार भी कॉमनवेल्थ गेम्स में देखने को मिलेगा।