हिसार। पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण से मुक्ति के प्रति आम लोगों को जागरूक करने का बीड़ा उठाए हुए राइट टू क्लीन एयर संस्था शहर में वर्ष 2018 से सक्रिय है। इस संस्था से करीब 200 सदस्य जुड़े हैं जो शहर को साफ सुथरा रखने की मुहिम में जुटे हैं। शुरुआत में इस संस्था ने लोगों को गीले-सूखे कचरे को अलग-अलग करने, कंपोस्टिंग की प्रक्रिया अपनाने और कचरा जलाने से रोकने के लिए नुक्कड़-नाटक के माध्यम से जागरूक किया। आज स्कूल-कॉलेजों में जाकर विद्यार्थियों को ठोस कचरा निस्तारण की जानकारी दी जा रही है।
संस्था की सदस्य सुनीता महतानी ने बताया कि हमारा मुख्य उद्देश्य कचरा प्रबंधन के प्रति लोगों को जागरूक करना है। हमने अपने काम की शुरुआत गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग करने के लिए अभियान चलाकर की थी। इसके बाद स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में जाकर विद्यार्थियों को सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के नियमों की जानकारी दी गई। नुक्कड़ नाटक, आम सभा, सेमिनार और पोस्टर प्रतियोगिताओं के जरिए विद्यार्थियों और आमजन को जागरूक किया जा रहा है। संस्था के फ्रेंड्स ऑफ निगम ग्रुप ने नगर निगम अधिकारियों के साथ मिलकर कई अभियानों को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।
22 स्कूल और कॉलेज जुड़े
महतानी ने बताया कि हमारी संस्था ने अब तक करीब 22 स्कूल, कई कॉलेज जुड़े हैं। 1500 से 2000 विद्यार्थी विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होकर वेस्ट मैनेजमेंट के महत्व को समझ चुके हैं। संस्था की कोर टीम में 12-15 सदस्य हैं, जबकि करीब 200 सदस्य समय-समय पर सहयोग करते हैं।
कचरा जलाने पर रोक और निगरानी जरूरी
सुनीता महतानी बताती हैं कि सूखी पत्तियां या अन्य कचरा जलाने से निकलने वाला धुआं सेहत के लिए काफी खतरनाक होता है। जहां कहीं भी इस तरह कचरे में आग लगाने की घटना नजर आती हैं संस्था के सदस्य फोटो खीचकर नगर निगम को इसकी जानकारी देती है। इससे कई जगहों पर सुधार भी हुआ है। मेरा मानना है कि सूखा कचरा जलाने पर रोक और निगरानी बहुत जरूरी है। संस्था की गतिविधियों को आगे बढ़ाने में डॉ. सुनीता श्योकंद और डॉ. सुनीता जैन अहम भूमिका निभा रही हैं।