हिसार। उकलाना उप-तहसील में जमीन की रजिस्ट्रियों में कथित अनियमितताओं की शिकायत पर सोमवार को सीएम फ्लाइंग स्क्वॉयड ने औचक निरीक्षण कर कई घंटों तक रिकॉर्ड की जांच की। देर शाम तक जांच जारी रही। टीम ने रजिस्ट्रियों, राजस्व अभिलेखों और अन्य दस्तावेजों का मिलान शुरू किया।
इस दौरान उप-तहसील में 660 इंतकाल लंबित पाए गए जबकि सीएम विंडो की आठ शिकायतें लंबित मिलीं। टीम ने संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया। सीएम फ्लाइंग हिसार रेंज की इंचार्ज सुनैना के नेतृत्व में पहुंची टीम में लेखा अधिकारी विजेंद्र, सदर कानूनगो कर्मवीर, एएसआई सुरेंद्र तथा हेड कांस्टेबल जितेंद्र और विजय शामिल रहे।
निरीक्षण के समय नायब तहसीलदार राहुल राठी और रजिस्ट्री क्लर्क अवकाश पर थे। दूरभाष पर संपर्क के बाद उन्होंने कानूनगो रामकुमार व अन्य कर्मचारियों को आवश्यक रिकॉर्ड उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
शिकायत के अनुसार चंडीगढ़ रोड स्थित एक मिल की भूमि को पहले व्यावसायिक के बजाय कृषि भूमि दर्शाकर लगभग 40 लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से रजिस्ट्री कराया गया। बाद में उसी भूमि पर कॉलोनी विकसित कर प्लॉट बेचे गए। आरोप है कि कई प्लॉटों की रजिस्ट्रियां निर्धारित कलेक्टर रेट से कम मूल्य पर कराई गईं जिससे सरकार को राजस्व हानि हुई हो सकती है।
टीम अब इस बात की जांच कर रही है कि भूमि के उपयोग में परिवर्तन नियमानुसार हुआ या नहीं व प्लॉटों का पंजीकरण निर्धारित कलेक्टर रेट के अनुरूप किया गया था या नहीं। सीएम फ्लाइंग रेंज इंचार्ज सुनैना ने बताया कि शिकायत के सभी बिंदुओं की गहन जांच की जा रही है।
जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि किसी प्रकार की अनियमितता हुई है या नहीं। यदि नियमों का उल्लंघन या सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने के प्रमाण मिले तो संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।