स्वास्थ्य विभाग ने 69 दिन बाद वीरवार को सिविल सर्जन डॉ. जेएस ग्रेेवाल के सस्पेंशन ऑर्डर ई मेल से भेज दिए। ऑर्डर मिलने के बाद सिविल सर्जन कुर्सी छोड़कर चले गए। सस्पेंशन ऑर्डर के बाद डॉक्टरों ने विभाग की कार्यप्रणाली के खिलाफ रोष जताते हुए शुक्रवार को 9 से 11 तक ओपीडी बंद करने का एलान कर दिया। इससे सैकड़ों मरीजों को भारी समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
कमिश्नर हेल्थ पीके महापात्रा की ओर से जारी ऑर्डर ई मेल के जरिये वीरवार को लगभग 12 बजे सिविल सर्जन कार्यालय में पहुंचे। ऑर्डर मिलने पर डॉ. ग्रेवाल कुछ देर बाद कुर्सी छोड़कर चले गए। विभाग के कर्मचारियों में यह बात तेजी से फैल गई।
सीएमओ के निलंबन किए जाने की जानकारी मिलते ही हरियाणा मेडिकल सिविल सर्विसिज एसोसिएशन प्रधान डॉ. यशपाल सिंह ने एसोसिएशन सदस्यों को फोन के माध्यम से सूचित कर आपात बैठक बुला ली। एसोसिएशन की लगभग दो घंटे सिविल सर्जन कार्यालय में मीटिंग चली।
एसोसिएशन के जिला प्रधान डॉ. यशपाल सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में इस फैसले की निंदा करते हुए कहा कि विभाग ने बिना किसी जांच के ही निलंबन के ऑर्डर जारी कर दिए हैं। यह सरासर गलत है। एसोसिएशन इस हालात में डॉ. जेएस ग्रेवाल के साथ खड़ी है।
एक अप्रैल को सस्पेंशन के फैसले के बाद एसोसिएशन ने प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के साथ मुलाकात की थी। इसमें हेल्थ मिनिस्टर को डॉ. जेएस ग्रेवाल को गलत तरीके से निलंबन करने की जानकारी दी गई थी। इसके बाद निलंबन के ऑर्डर रुक गए थे।
अचानक वीरवार को निलंबन के ऑर्डर जारी कर दिए गए। विभाग को किसी एचसीएस या अन्य अधिकारी से मामले की इंक्वायरी करानी चाहिए थी। बिना किसी शोकाज नोटिस के निलंबन का क्या औचित्य है। डॉ. यशपाल ने कहा कि यदि शुक्रवार शाम तक विभाग ने सस्पेंशन के ऑर्डर वापस न लिए तो मीटिंग कर बड़े आंदोलन का निर्णय लिया जा सकता है।
मीटिंग में ये रहे मौजूद
सीएमओ के सस्पेंशन के विरोध में आयोजित बैठक में चिकित्सकों ने काली पट्टी बांधकर हिस्सा लिया। डॉ. दयानंद, डॉ. यशपाल सिंह, डॉ. नरेंद्र कौशिक, डॉ. ज्ञानेंद्र, डॉ. धर्मेंद्र, डॉ. सुनील भट्टी, डॉ. सुशील कुमार, डॉ. रसीद, डॉ. नागेश, डॉ. शमशेर सिंह, डॉ. विकास कुमार शर्मा समेत एचसीएमएस एसो. के अन्य सदस्य मौजूद थे।
आज दो घंटे ओपीडी बंद
चिकित्सकों ने फैसला लिया कि शुक्रवार को सुबह 9 बजे से 11 बजे तक ओपीडी बंद रखेंगे। इसके बाद चिकित्सक काली पट्टी बांधकर ड्यूटी देंगे। शुक्रवार शाम को फिर से मीटिंग कर आगे की रणनीति तय करेंगे। आपातकालीन वार्ड के मरीजों को सेवाएं जारी रखी जाएंगी।
एक अप्रैल को एसीएस तथा ओसएडी ने किया था निलंबित
सीएम के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. राकेश गुप्ता, सीएम के ओएसडी भूपेश्वर दयाल एक अप्रैल को सीएम विंडो पर मिली शिकायतों का रिव्यू कर रहे थे। इस दौरान सीएम विंडो की शिकायतों को हल करने में देरी करने के आरोप में पांच अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया था। इन अधिकारियों में हिसार के सीएमओ डॉ. जेएस ग्रेवाल भी शामिल थे।
सीएम विंडो की शिकायत पर कार्यवाही
दिसंबर 2014 में आदमपुर निवासी ने निजी अस्पताल के खिलाफ शिकायत दी थी। बाद में सीएम विंडो में दर्ज कराई गई शिकायत में कहा गया कि निजी अस्पताल के इस चिकित्सक के पास बीएएमएस की डिग्री होने के बावजूद उस पर ऑपरेशन करने का आरोप लगाया गया था। वर्ष 2015 में सिविल अस्पताल की टीम ने मौके का मुआयना कर अपनी रिपोर्ट भेज दी। शिकायतकर्ता इस पर संतुष्ट नहीं हुआ। शिकायतकर्ता ने अस्पताल की जांच टीम पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए फिर से जांच की मांग की।