दस माह के अंतराल के बाद सोमवार से छठी से आठवीं तक की कक्षाएं शुरू होंगी। इस दौरान विद्यार्थियों को कक्षा में बैठने के लिए पीएचसी या सीएचएसी के डॉक्टर द्वारा तैयार मेडिकल रिपोर्ट देनी होगी। मेडिकल रिपोर्ट तीन दिन से पुरानी नहीं होनी चाहिए। ये कक्षाएं सुबह 10 से दोपहर डेढ़ बजे तक लगेंगी।
बता दें कि पिछले वर्ष कोरोना महामारी को देखते हुए 25 मार्च को लगाए गए लॉकडाउन के साथ ही स्कूलों को बंद कर दिया गया था। इसके बाद अप्रैल से शुरू हुए नए सत्र में ऑनलाइन माध्यम से विद्यार्थियों को पढ़ाया जा रहा था। इसके बाद नवंबर में 9वीं से 12वीं तक की कक्षाएं शुरू की गईं, लेकिन बढ़ते संक्रमण के मामलों को देखते हुए इन्हें फिर से बंद कर दिया गया। फिर 14 दिसंबर से दोबारा ये कक्षाएं शुरू की गईं। तब से ही निजी स्कूल संचालक छठी से आठवीं की कक्षाओं को शुरू करने की मांग कर रहे थे।
इन हिदायतों का करना होगा पालन
अधिकारियों के अनुसार विद्यार्थियों को अपने साथ अभिभावकों का सहमति पत्र लाना होगा। साथ ही मेडिकल रिपोर्ट भी देनी होगी। विद्यार्थी को स्कूल में मास्क पहनकर आना होगा। स्कूल में सामाजिक दूरी के नियम का पालन करते हुए कक्षाओं का संचालन किया जाएगा। इससे पहले सभी स्कूलों को सैनिटाइज करवाने के लिए भी कहा गया था।
जिले में हैं 350 से ज्यादा सरकारी मिडिल, हाई और सीनियर सेकेंडरी स्कूल
वर्तमान में जिले में 350 से ज्यादा सरकारी मिडिल, हाई व सीनियर सेकेंडरी स्कूल हैं, जिनमें छठी से बारहवीं कक्षाओं में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या करीब सवा लाख है।
सोमवार से छठी से आठवीं तक कक्षाएं भी शुरू हो जाएंगी। कक्षाओं में कोविड-19 नियमों का पूरी तरह से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
- धनपतराम, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, हिसार