वीआईपी कल्चर के खिलाफ मोदी के फैसले का शहर की प्रथम नागरिक मेयर शकुंतला राजलीवाला ने ससम्मान मान लिया है। उन्होंने वीरवार को ही अपनी गाड़ी पर लगी नारंगी बत्ती नगर निगम कार्यालय में उतरवा दी। उधर, बीजेपी नेताओं में अभी भी बत्ती का मोह बाकी है। हाल ही में चेयरमैन बने कई नेताओं को तो वीआईपी कल्चर खत्म करना रास नहीं आ रहा। वे इसकी सराहना कर रहे हैं, लेकिन बत्ती उतारने की बात पर अधिकारिक सूचना आने की बात कह रहे हैं। कई बीजेपी नेता वाहवाही के इंतजार में हैं कि आखिर बत्ती तो हटेगी ही मगर इसकी कहीं ना कहीं पब्लिसिटी तो ली जाए। उकलाना से हरियाणा वेयर हाउसिंग कारपोरेशन के चेयरमैन श्री निवास गोयल ने कहा है कि वे फिलहाल बाहर हैं, वे कल उकलाना मंडी में दौरे पर आएंगे और जनता के बीच समारोह में बत्ती भी उतारेंगे। उन्होंने मोदी के फैसले की सराहना की है। इधर, अमर उजाला टीम ने संबंधित लोगों से बात की तो कुछ ने हाथों हाथ बत्ती हटा दी।
जानिए वीआईपी क्या बोले
- सरकार के आदेशों की पालना की जाएगी। वीआईपी कल्चर को छोड़ते हुए शुक्रवार को अपनी गाड़ी से बत्ती हटा लूंगा।
- टंकेश्वर कुमार, वीसी जीजेयू
अभी तक हमें कोई सूचना नहीं मिली है। जैसे ही सूचना मिलती है हम गाड़ी से बत्ती को हटा देंगे, अभी तो मैं बाहर हूं।
- केपी सिंह, वीसी एचएयू
- बत्ती हटा दी। बत्ती छोड़ने के साथ भारत सरकार का लॉगो भी हटाना देना चाहिए।
- जोगीराम सिहाग, चेयरमैन हरकोफेड
- मैं शहर से बाहर हूं। मोदी साहब ने सराहनीय काम किया है। मैं अनाज मंडी में आऊंगा, वहां समारोह के बीच बत्ती उतारूंगा।
- श्रीनिवास गोयल, चेयरमैन हरियाणा वेयर हाउसिंग कारपोरेशन।
....
मुझे वीआईपी कल्चर अधिक अच्छा नहीं लगता। सुबह जब घर से निगम ऑफिस के लिए निकली तभी ड्राइवर को बत्ती उतारने के लिए बोल दिया था। ड्राइवर ने फिर कार्यालय पहुंचकर बत्ती उतार दी।
- शकुंतला राजलीवाला, मेयर
......
मैं तो इसे हटाने के पक्ष में हूं। कल से लालबत्ती को हटा दिया जाएगा।
- जगबीर अहलावत, चेयरमैन भिवानी बोर्ड