चरखी दादरी। एनजीओ और अधिकारियों की टीम वीरवार को कार्रवाई के दौरान तीन जगहों पर पांच बच्चे बाल मजदूरी करते मिले। टीम ने बच्चों को मुक्त करवाते हुए अभिरक्षा में लिया और तीन लोगों के खिलाफ शहर पुलिस थाने में केस दर्ज करवाया।
पुलिस को दी शिकायत में बचपन बचाओ आंदोलन एल-6 कालका जी के स्टेट कोऑर्डिनेटर पुनीत शर्मा ने बताया कि वीरवार को उन्हें सूचना मिली कि दादरी के महेंद्रगढ़ चुंगी के पास तीन दुकानों पर बाल मजदूरी करवाई जा रही है। उन्होंने कार्रवाई के लिए टीम गठित की। इसमें श्रम विभाग से निरीक्षक प्रदीप कुमार, बाल कल्याण समिति सदस्य सतीश कुमार, जिला बाल कल्याण संरक्षण इकाई की संरक्षण अधिकारी अर्चना सिंह, बाल कल्याण परिषद कार्यक्रम अधिकारी अक्षमा, जिला बाल संरक्षण इकाई से एसडब्ल्यू रोशनलाल, मानव तस्करी इकाई राज्य अपराध शाखा से एएसआई रामरत्न व शहर थाना पुलिस कर्मचारी शामिल रहे। टीम महेंद्रगढ़ चुंगी पर पहुंची तो एक दुकान पर बच्चे वाहन को अनलोड करते मिले। टीम ने उन्हें अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि मालिक सुबह दस से शाम सात बजे तक काम करवाता है और दिन के 500 रुपये देने का वादा करता है। ये बच्चे कल भी काम के लिए आए थे।
बच्चा बोला- 5 हजार में सुबह 9 से 6 बजे तक करवाया जाता है काम
कबीर नगर स्थित धर्मबीर डेंंटर वर्कशाॅप से भी एक बच्चे को अभिरक्षा में लिया गया। उसने बताया कि वह एक माह से सुबह 9 से शाम 6 बजे तक काम कर रहा है और पांच हजार वेतन लेता है। पांचवे बच्चे को कबाड़ी मार्केट से कबाड़ बीनते हुए अभिरक्षा में लिया गया। उसने बताया कि शहर से कबाड़ बीनकर दुकान पर लाता है और पैसे की कोई गारंटी नहीं कितने मिलेंगे। टीम ने पांचों बच्चों को दुकानों से मुक्त कराया और आरोपी दुकानदार धर्मबीर, दलबीर व नरेश कबाड़ी के खिलाफ बाल मजदूरी अधिनियम के विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया।