बाल सुधार गृह से भागे 17 बाल बंदियों ने एक सप्ताह पहले ही इस प्रकार की योजना बना ली थी। योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए 12 अक्तूबर का दिन तय कर लिया गया था। योजना के अनुसार बाहर निकलकर झज्जर के एक गैंग से मिलकर बड़ी वारदात को अंजाम देना था। यह सब योजना आरोपियों ने फेमस होने के लिए बनाई थी। यह खुलासा फरार होने के प्रयास में मौके से पकड़े गए 18वें बाल बंदी ने किया है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बाल सुधार गृह से 18 बाल बंदियों ने भागने का प्रयास किया था। इनमें 17 भाग गए थे, लेकिन 18वें बाल बंदी को घायल वार्डरों ने काबू कर लिया था। सूत्रों के अनुसार उसने योजना का खुलासा करते हुए बताया कि सप्ताह भर पहले उन्होंने फरार होने की योजना बनाई। इसके लिए उन्होंने सबसे पहले समय और दिन तय किया। 12 अक्तूबर को शाम को खाने के समय के दौरान का समय तय किया गया। योजना के अनुसार हमला करने और उसके लिए खिड़कियों से लकड़ी तोड़ना तय किया गया। इसके लिए उन्होंने बीच-बीच में खिड़कियों की लकड़ी को ढीला करना शुरू कर दिया, ताकि समय पर आसानी से तोड़ी जा सके। अचानक और एक साथ हमला करने, बाहर निकलकर अलग-अलग दिशा में भागने जैसी छोटी-छोटी चीजों को इन बाल बंदियों ने अपनी योजना में शामिल किया था।
तीन साल पहले की घटना से प्रशासन नहीं लिया सबक
तीन साल पहले वर्ष 2017 में इस बाल सुधार गृह से 6 बाल बंदी फरार हुए थे। उस घटना के बारे में इन बंदियों ने मीडिया की खबरों से बारे में बारीकी से समझा और अपनी योजना को अमलीजामा पहनाने से पहले सभी ने एक-दूसरे के साथ साझा किया। उस घटना से बाल बंदी अपनी योजना को सिरे चढ़ाने में कामयाब हो गए, लेकिन बाल सुधार गृह प्रशासन कोई सबक न लेते हुए सुरक्षा में पूर्व की भांति ढिलाई बरतता रहा।
झज्जर में मिलना था अधिकांश को
फरार हुए बाल बंदियों में से अधिकांश को झज्जर में मिलना था। जानकारी के अनुसार उन्होंने झज्जर के एक गैंग से मिलकर किसी बड़ी वारदात की योजना बनाई थी। हालांकि उन्होंने अलग-अलग दिशाओं से फरार होने की योजना बनाई थी, ताकि पुलिस की फिल्डिंग में फंसे तो सभी एक साथ पकड़ में न आने पाएं।
अपराध की दुनिया में कमाना चाहते थे नाम
पकड़े गए 18वें बाल बंदी ने यह भी बताया है कि उन्होंने यह योजना फेमस होने के लिए बनाई थी। वे अपराध की दुनिया में अपना नाम करना चाहते थे और कम समय में फेमस होने के लिए उन्होंने बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना बनाई। इसी के चलते उन्होंने झज्जर के किसी गैंग से संपर्क कर ये फरार होने की योजना बनाई।
झज्जर पुलिस के लिए चुनौती
18वें बाल बंदी ने खुलासा किया है कि झज्जर के एक गैंग के साथ मिलकर उन्होंने किसी बड़ी वारदात को अंजाम देना है। फरार हुए बाल बंदियों में से पुलिस के हत्थे अभी केवल तीन ही चढ़े हैं। ऐसे में योजना के अनुसार यदि वे कहीं किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के प्लान को सिरे चढ़ाने की योजना बना रहे होंगे तो इसे रोकना प्रदेश की पुलिस के साथ-साथ झज्जर पुलिस के लिए चुनौती भरा रहेगा। ऐसे में झज्जर पुलिस की निगाहें वहां के बड़े-बड़े गैंग पर टिकी होंगी और वारदात को रोकने के लिए पुलिस ने एहतियाती कदम भी उठाने शुरू कर दिए होंगे।