हिसार। हरियाणा शतरंज एसोसिएशन (एचसीए) ने बुधवार को शतरंज का वार्षिक खेल कैलेंडर जारी किया है। एचसीए का मिशन-2025 अब भिवानी से शुरू हो गया है। इसके तहत प्रत्येक महीने प्रदेश के चार से अधिक जिलों में इंटर-जिला शतरंज चैंपियनशिप का आयोजन किया जाएगा। इस कड़ी में भिवानी, चरखी दादरी, रोहतक, हिसार, जींद और बहादुरगढ़ सहित कई जिलों में आगामी शतरंज मुकाबले आयोजित किए जाएंगे।
शतरंज एशिया महाद्वीप के महासचिव ब्रह्मचारी कुलदीप शतरंज ने बताया कि 23 साल बाद भारत देश में शतरंज वर्ल्ड कप 2025 का आयोजन होगा। भारत देश इस साल 30 अक्तूबर से 27 नवंबर तक शतरंज विश्व कप की मेजबानी करेगा। अंतरराष्ट्रीय शतरंज फेडरेशन ने इस आयोजन की स्वीकृति दी है। खेल कैलेंडर से संबंधित सारी जानकारियां एचसीए की आधिकारिक वेबसाइट www.indianchess.org पर उपलब्ध हैं।
206 अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी लेंगे भाग
शतरंज वर्ल्ड कप 2025 में विश्व से 206 अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। इससे पहले भारत देश ने 23 साल पहले पिछली बार 2002 मे हैदराबाद में इस मेगा इवेंट विश्व कप की मेजबानी की थी। जिसमें ग्रैंड मास्टर विश्वनाथन आनंद ने विजेता बनकर देश को गौरवान्वित किया था।
13 अगस्त से 15 अगस्त तक होगी प्रतियोगिता
पेरिस इंटरनेशनल ओलंपिक से शतरंज एशिया महाद्वीप के महासचिव ब्रह्मचारी कुलदीप शतरंज ने बताया कि 13 से 15 अगस्त तक सीबीएसई उत्तर भारत की अंडर 11, 14, 17, 19 आयु वर्ग की शतरंज चैंपियनशिप का आयोजन दादरी के सागर ग्लोबल स्कूल सावड में बड़े स्तर पर किया जाएगा। इसमें करीब 1000 खिलाड़ी हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, उत्तर प्रदेश, राजस्थान आदि राज्यों से भाग लेंगे। खिलाड़ियों के आवास, भोजन एवं परिवहन की व्यवस्था आयोजकों द्वारा की जाएगी।
भिवानी में इन आयु वर्ग में होंगे मुकाबले
28 जुलाई को लड़कियों व लड़कों की दादरी जिले की अंडर-11, 14, 17, 19 शतरंज प्रतियोगिता का आयोजन बाल शिक्षा निकेतन सीनियर सेकेंडरी स्कूल सावड़ मे किया जाएगा। वहीं, 4 से 7 अगस्त तक लड़कियों व लड़कों की अंडर 17, 19 की भिवानी जिला शतरंज प्रतियोगिता का आयोजन राजकीय मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल भिवानी, 22 से 23 अगस्त तक भिवानी जिले के लड़कों की शतरंज प्रतियोगिता, 25 से 26 अगस्त तक भिवानी जिले की लड़कियों की शतरंज प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी।
शतरंज जल्द बनेगा स्कूली विषय
हरियाणा में जल्द ही शतरंज स्कूली पाठ्यक्रम में सबजेक्ट बनकर शामिल होगा। गुजरात, तमिलनाडु व गोवा की तर्ज पर हरियाणा सरकार जल्द ही शतरंज को स्कूली पाठ्यक्रम में एक विषय के रूप में शामिल कर सकती है। सरकार स्तर पर इसकी तैयारियां तेजी से चल रही हैं। जिससे बच्चों में ध्यान शक्ति, स्मरण शक्ति, तार्किक क्षमता, एकाग्रता और मानसिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।