हिसार। केंद्रीय कारागार एक में बंदी पुट्ठी समैण निवासी जगदीश की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उसकी मौत पर परिजनों ने जेल प्रशासन पर जगदीश के साथ मारपीट के आरोप लगाए। वहीं शुक्रवार को परिजनों ने मेडिकल कॉलेज अग्रोहा के शवगृह से शव नहीं उठाया और दोपहर बाद लघु सचिवालय के बाहर धरना देकर रोष जताया। उनका कहना है कि जब तक पुलिस कार्रवाई नहीं करती वह शव नहीं उठाएंगे। वहीं जेल अधीक्षक का कहना है कि बंदी के सीने में दर्द होने पर अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
रक्षाबंधन पर बहन को बताया था मारपीट के बारे में
मृतक के भाई धर्मबीर ने बताया कि पिछले साल सितंबर माह में पुलिस ने नशा तस्करी के आरोप में भाई जगदीश को पकड़ा था। इसके बाद पुलिस ने उसे केंद्रीय कारागार एक में भेज दिया। रक्षाबंधन पर बहन जेल में भाई से मिलने के लिए गई थी। इस दौरान जगदीश ने बताया था कि जेल में पुलिस कर्मी मारपीट करते हैं। वीरवार को पुलिस ने फोन कर सूचना दी कि मेडिकल कॉलेज अग्रोहा में उपचार के दौरान जगदीश की मौत हो चुकी है। जब अस्पताल पहुंचे को भाई का शव शवगृह में रखा मिला। धर्मबीर का कहना है कि जेल में पुलिस की मारपीट से उसके भाई की मौत हुई है। जब तक कार्रवाई नहीं होती लघु सचिवालय पर डेरा डाले रहेंगे।
बंदी जगदीश के सीने में दर्द हुआ था। उसे उपचार के लिए नागरिक अस्पताल लेकर गए थे। यहां के चिकित्सकों ने उसे मेडिकल कॉलेज अग्रोहा रेफर कर दिया। वहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक के परिजनों द्वारा लगाए गए आरोप निराधार हैं। - दीपक शर्मा, जेल अधीक्षक