सीजेएम अशोक कुमार ने बताया कि लोक अदालत का उद्देश्य पक्षकारों को त्वरित, सरल और कम खर्च में न्याय उपलब्ध करवाना है। उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि यदि उनका मामला लोक अदालत में समझौते के माध्यम से निपटाया जा सकता है तो वे संबंधित न्यायालय से संपर्क कर इसका लाभ उठाएं।
मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के सचिव अशोक कुमार ने बताया कि हरियाणा राज्य विधिक सेवाएं प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों के तहत शनिवार 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित की जा रही है। इसके लिए जिला एवं उपमंडल स्तर पर 9 बेंच गठित की हुई हैं।
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उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में विशेष रूप से मोटर वाहन दुर्घटना मुआवजा दावे, बीमा कंपनियों से संबंधित मामले, सिविल एवं आपराधिक मामलों सहित ऐसे अन्य मामले लिए जाएंगे, जिनका निपटारा दोनों पक्षों की सहमति से संभव है।
उन्होंने बताया कि बेंच नंबर-1 पर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश पुनीत सहगल, बेंच नंबर-2 पर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जैस्मिन शर्मा, बेंच नंबर-3 पर अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश (फैमिली कोर्ट) मधुलिका, बेंच नंबर-4 पर एसीजेएम अनुराधा, बेंच नंबर-5 पर जेएमआईसी हर्षा शर्मा सिविल एवं आपराधिक मामलों का निपटारा करेंगे।
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इसी प्रकार बेंच नंबर-6 पर जेएमआईसी सुखवीर कौर, बेंच नंबर-7 पर जेएमआईसी नवनूर कौर हांसी में, बेंच नंबर-8 पर जेएमआईसी खुश करण जोत सिंह गिल नारनौंद में तथा बेंच नंबर-9 पर जेएमआईसी सुनील कुमार बरवाला में सुनवाई करेंगे।
सीजेएम अशोक कुमार ने बताया कि लोक अदालत का उद्देश्य पक्षकारों को त्वरित, सरल और कम खर्च में न्याय उपलब्ध करवाना है। उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि यदि उनका मामला लोक अदालत में समझौते के माध्यम से निपटाया जा सकता है तो वे संबंधित न्यायालय से संपर्क कर इसका लाभ उठाएं। लोक अदालत में आपसी सहमति से मामलों का निपटारा होने से दोनों पक्षों का समय और धन बचता है तथा लंबे समय से चल रहे विवादों का भी समाधान संभव होता है।