हिसार। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू) में छात्रों पर हमले के मामले में पुलिस ने रजिस्ट्रार सहित 8 कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। वहीं, बुधवार से विश्वविद्यालय के गेट नंबर-4 के सामने छात्रों ने तंबू गाड़कर दूसरे दिन बेमियादी धरना शुरू कर दिया है। प्रदर्शनकारी छात्रों ने कहा कि आरोपियों की गिरफ्तारी और निलंबन किए जाने तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं, धरनास्थल पर पहुंचकर आदमपुर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक चंद्रप्रकाश, नरेश सेलवाल और जस्सी पेटवाड़ ने आंदोलन का समर्थन किया।
एचएयू कैंपस में मंगलवार रात छात्रों और सुरक्षाकर्मियों के बीच टकराव हो गया था। छात्रों की तरफ से पुलिस को दी गई शिकायत में बताया गया कि वह वजीफे की राशि घटाने, फीस बढ़ाने व सीटें घटाने के विरोध में कुलपति कार्यालय के सामने शांतिपूर्ण ढंग से धरना दे रहे थे। इस दौरान सुरक्षाकर्मी विजेंद्र, अनूप, जगमेश पूनिया, नरेंद्र व सुमन ने मिलकर छात्रों पर हमला किया। इस हमले में छात्र आनंद, जतिन और मोहित घायल हो गए।
इसके बाद, मंगलवार की रात करीब 10:15 बजे छात्र कुलपति आवास के पास शांतिपूर्ण ढंग से धरना दे रहे थे। इस बीच कुलपति की गाड़ी आई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि कुलपति के निर्देश पर रजिस्ट्रार पवन कुमार, प्रोफेसर राधेश्याम मांजू, सीएसओ सुखबीर सिंह व सुरक्षाकर्मियों ने छात्रों पर लाठी डंडों से हमला कर दिया। इस हमले में छात्र चक्षु, निखिल, राहुल, मोहित, विक्रम व अन्य छात्रों को गंभीर चोटें आईं। इस शिकायत पर कार्रवाई करते हुए सिविल लाइन थाना पुलिस ने आरोपी रजिस्ट्रार पवन कुमार, प्रोफेसर राधेश्याम, सीएसओ सुखबीर सिंह और सुरक्षाकर्मी विजेंद्र, अनूप, जगमेश पूनिया, नरेंद्र व सुमन के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है।
वर्जन
रात 9.30 बजे तक छात्र शांत थे। छात्रों से सड़क से धरना हटाकर साइड में करने को कहा था। मगर, बाद में अचानक पता नहीं क्या हो गया और छात्र नाराज हो गए। पहले उनकी तरफ से पत्थरबाजी की गई थी, जिसके परिणाम में सुरक्षाकर्मियों ने यह कार्रवाई की थी। इस तरह के मामलों में दोनों पक्षों की तरफ से शिकायत आदि दी जाती है। हमने दूसरे दिन भी छात्रों को बातचीत के लिए आमंत्रित किया था। मगर, अब यह आंदोलन छात्रों के हाथ से निकलकर अन्य के हाथों में चला गया है। अब इसमें राजनीति भी शामिल हो गई है।
डॉ. पवन, रजिस्ट्रार, एचएयू