एचएयू के छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन करते क्रांतिकारी संगठन ऑग्रेनाइजेशन के सदस्य।
हिसार। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू) के विद्यार्थियों के आंदोलन के तहत एचएयू प्रशासन ने 15-20 विद्यार्थियों के खिलाफ केस दर्ज करवाया है। विद्यार्थियों पर आरोप है कि उन्होंने कुलपति आवास पर हमला किया, डंडे लहराए व तोड़फोड़ की। विश्वविद्यालय के अनुसंधान निदेशक व को-ऑर्डिनेशन कमेटी के सदस्य डॉ. राजबीर गर्ग ने मंगलवार को प्रेस वार्ता में इसकी पुष्टि की। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की तरफ से यह शिकायत देरी से की गई थी। यह केस सिविल लाइन थाना में दर्ज किया गया है।
उधर, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने वीडियो कॉल के माध्यम से धरने पर बैठे विद्यार्थियों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। खरगे ने कहा कि वह इस मामले को लोकसभा व राज्यसभा में भी उठाएंगे। वह इस मामले के बारे में लिखकर मुझे भेजिए। इसके अलावा एनएसयूआई के नेता ने कहा कि प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के हालात बुरे हैं तो इस पर भी राष्ट्रीय अध्यक्ष ने इस मामले की फाइल तैयार कर भिजवाने को कहा। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वह इस मामले में उनके साथ खड़े हैं।
वहीं जेएनयू के अध्यक्ष नीतिश कुमार व पूर्व अध्यक्ष आईसी घोष भी धरना स्थल पर पहुंचीं। आईसी घोष ने कहा कि सरकार विश्वविद्यालयों में सार्वजनिक शिक्षा होती है। मगर इन्हें बंद कर दिया जाए तो इनकी जगह प्राइवेट विश्वविद्यालय आएंगे, जहां गरीब वर्ग के बच्चे शिक्षा ग्रहण नहीं कर सकेंगे और उनका भविष्य अंधकारमय होगा। अगर वह पढ़-लिख नहीं सकेंगे तो अपने हक की बात नहीं कर सकेंगे और वह सरकार के सामने यह नहीं बोल सकेंगे कि उनकी कम्युनिटी के साथ क्या गलत हो रहा है। इसलिए उनका पढ़ना जरूरी है। आपकी सिर्फ यही नहीं, बल्कि संसद में गूंजेगी कि क्यों हिसार में विद्यार्थियों के साथ ऐसा किया जा रहा है। शर्म की बात है कि शिक्षक जो हमारे दूसरे अभिभावक होते हैं, लेकिन यहां शिक्षक ही विद्यार्थियों पर डंडों से हमला कर रहे हैं। वहीं विश्वविद्यालय के कुछ छात्र जजपा नेता दिग्विजय चौटाला के साथ राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय से मिले और उन्हें घटनाक्रम से अवगत करवाया और कुलपति को हटाने की मांग की।