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Hisar News: 1 करोड़ 32 लाख की धोखाधड़ी के मामले में 13 लोगों पर केस दर्ज

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हांसी। 1 करोड़ 32 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने दि आदर्श सहकारी एनएटीसी समिति व दि सेंट्रल सहकारी एनएटीसी समिति के 13 पदाधिकारियों पर मामला दर्ज किया है। समिति के सचिव राजेश चोपड़ा ने एक महिला के 1 करोड़ 32 लाख रुपये की राशि की एफडीआर कर दी थी। मामले में पुलिस छानबीन कर रही है।
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शिकायत में लाल सड़क निवासी अशोक कुमार ने बताया कि भरत सैनी के पास अपनी जमा पूंजी अपने व अपने रिश्तेदारों के नाम से दि आदर्श सहकारी एनएटीसी समिति हांसी में जमा करवाई थी। जिसमें समिति संचालक भरत सैनी व राजेश चोपड़ा की भागीदारी थी। बाद में राजेश चोपड़ा ने अपनी समिति दि सेंट्रल सहकारी एनएटीसी समिति लिमिटेड का गठन करने के बाद पत्नी को बहला फुसला कर समिति में एफडी कर दी। शिकायतकर्ता अशोक कुमार ने बताया कि वह राजस्थान में गाड़ियों की मरम्मत का कार्य करता है। राजेश चोपड़ा ने उनकी जमापूंजी अपनी समिति में जमा कर ली। राजेश चोपड़ा व उसकी पत्नी सुनीता, दीपक कुमार उनके घर स्वयं आकर पैसे ले जाया करते थे। इनमें से दो एफडीआर दिसंबर 2019 में पूरी हो चुकी थी। वह लेने गया तो उन्होंने पैसे देने से साफ इंकार कर दिया। जब पंचायत में बुलाई तो राजेश चोपड़ा, सुनीता, श्याम लाल व दीपक चोपड़ा ने उन्हें व पत्नी को धक्के मारे तथा जान से मारने की धमकी दी। इसकी शिकायत एआरसीएस व डीआरसीएस को की गई तो एआरसीएस ने समिति संचालक का मकान अटैच कर दिया। पूर्व खजांची दीपक कुमार की सैलरी पर रोक लगा दी और इसकी जांच डीआरसीएस हिसार को दे दी। उन्होंने एफडीआर की असल कॉपी लेकर उन्हें एक चेक दिए। जो चेक दिए गए वह खाते में रुपये न होने की वजह से पास नहीं हो सके। विभाग ने भी कोई कार्रवाई नहीं की। वह एआरसीएस से मिले तो उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने 1 करोड़ 32 लाख रुपये की राशि समिति संचालकों के बहकावे में आकर जमा करवाई थी। वह अपने रुपये की वापसी के बारे विभाग के सभी अधिकारियों के पास व पुलिस विभाग के पास गुहार लगाते रहे। वह विभाग के पास शिकायत भेज देते हैं और विभाग के कर्मचारी समिति संचालकों से मिलकर उन्हें ही प्रताड़ित करते रहे। राजेश चोपड़ा जो समिति संचालक था उसके मकान को अटैच कर दिया गया था। उसने विभाग से मिलकर अपना मकान बेच दिया। जिला पुलिस को कई बार शिकायत दी। इस बारे में डीसी को भी शिकायत दी थी, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। यह सभी अपने राजनीतिक प्रभाव से अपने आप को मुकदमा होने से बचा लेते। सोसायटी का एक सदस्य सुंदर लाल अपने पद का फायदा उठाकर गैर कानूनी तरीके से आदेश की अवहेलना कर प्रॉपर्टी अटैचमेंट का प्रोसस पूरा नहीं कर रहा है। उसने भी सोसायटी से 16 लाख 99 हजार 293 रुपये का ऋण ले रखा है। जो कि आज तक बकाया है। उसके घर पर पैसे मांगने पर परिवार के खिलाफ राजेश चोपड़ा की पत्नी सुनीता देवी ने मानहानी का झूठा दावा सिविल कोर्ट में दायर किया हुआ है। जिसमें उन्हें व उसके परिवार के सभी सदस्यों को फंसाया है। वह व उसके परिवारजन हर तारीख पर केस की सुनवाई में हाजिर होते हैं, लेकिन राजेश चोपड़ा व उसकी पत्नी एक भी पैरवी में कोर्ट में शामिल नहीं हुए।
लाल सड़क निवासी अशोक कुमार की शिकायत पर दी आदर्श सहकारी एनएटीसी समिति लि इंचार्ज भरत सैनी, दि सेंट्रल सहकारी एनएटीसी के सचिव राजेश चोपड़ा, प्रधान सुंदर लाल, दुर्गा कॉलोनी निवासी अनिल कुमार, दि सेंट्रल सहकारी एनएटीसी समिति लि के सचिव प्रधान खरैती लाल, उप प्रधान विपिन, कमेटी सदस्य गोसाइं गेट निवासी सागर, कमेटी सदस्य बडसी गेट निवासी कृष्ण, दड़ा बाजार निवासी गुलशन, बैंक कॉलोनी निवासी कमेटी सदस्य राजेंद्र धवन, पूर्व कोषाध्यक्ष समिति दीपक कुमार, समिति इंचार्ज सुनिता पत्नी राजेश चोपड़ा, दि सेंट्रल सहकारी एनएटीसी समिति लिमिटेड के प्रशासक मंडल के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला किया गया है।
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