हिसार। गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय (जीजेयू) में सोमवार से विद्यार्थियों के लिए एमबीए और पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड बीबीए-एमबीए कोर्स में दाखिले को लेकर एक सप्ताह का काउंसिलिंग शिविर शुरू हुआ। शिविर के पहले दिन कुल 45 विद्यार्थियों ने इसमें हिस्सा लिया, जिनमें से 30 विद्यार्थियों ने ऑफलाइन आकर काउंसिलिंग प्राप्त की, जबकि 15 विद्यार्थियों ने दाखिले से संबंधित जानकारी ऑनलाइन माध्यम से हासिल की। शिविर का समय सुबह 10 बजे से दोपहर डेढ़ बजे का रखा गया है।
हरियाणा स्कूल ऑफ बिजनेस (एचएसबी) की ओर से आयोजित इस काउंसिलिंग सत्र में न केवल विद्यार्थियों को प्रवेश प्रक्रिया की जानकारी दी गई, बल्कि उन्हें विश्वविद्यालय द्वारा संचालित रोजगारपरक कोर्सों और नई शिक्षा नीति (एनईपी 2020) के तहत किए गए बदलावों की विस्तृत जानकारी भी दी गई।
कॅरिअर उन्मुख कोर्सों पर जोर
काउंसिलिंग के दौरान विद्यार्थियों को एमबीए और बीबीए-एमबीए इंटीग्रेटेड प्रोग्राम के कोर्स स्ट्रक्चर, इंडस्ट्री लिंकअप, इंटर्नशिप की संभावनाएं, और प्लेसमेंट रिकॉर्ड के बारे में जानकारी दी गई। विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि इन पाठ्यक्रमों को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि वे विद्यार्थियों को बाजार की वर्तमान आवश्यकताओं के अनुसार व्यावसायिक कौशल से लैस कर सकें।
अभिभावकों की भागीदारी भी रही सराहनीय
काउंसिलिंग शिविर में करनाल और कैथल जैसे जिलों से भी विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों ने भाग लिया। अभिभावकों ने विश्वविद्यालय के इन्फ्रास्ट्रक्चर, फैकल्टी, हॉस्टल सुविधाएं, और सुरक्षा व्यवस्था के बारे में जानकारी ली।
नई शिक्षा नीति की जानकारी भी दी
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को एनईपी 2020 के अंतर्गत लचीले पाठ्यक्रम, मल्टीपल एंट्री और एग्जिट विकल्प, और स्किल बेस्ड एजुकेशन की अवधारणा के बारे में भी अवगत कराया गया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि जीजेयू ने अपने पाठ्यक्रमों को नई शिक्षा नीति के अनुरूप अपडेट किया है, ताकि विद्यार्थियों को अधिक व्यावहारिक और समग्र शिक्षा मिल सके।
12वीं के बाद विद्यार्थियों को कॅरिअर का चुनाव करने में समस्या आती है। इसी समस्या को दूर करने और विद्यार्थियों को कॅरिअर से संबंधित जानकारी देने के लिए जीजेयू में एक सप्ताह का शिविर लगाया गया है। पहले दिन करीब 45 विद्यार्थियों ने विभिन्न कोर्सों से जुड़ी जानकारी हासिल की। इसके अलावा कुछ विद्यार्थियों के अभिभावक भी दाखिले व कोर्स से संबंधित जानकारी लेने पहुंचे थे। -
प्रो. नरसी राम बिश्नोई, कुलपति