जिला परिषद के सदस्यों ने प्रदेश के वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु को अपना दुखड़ा सुनाते हुए कहा कि अफसर हमारी सुनते नहीं हैं। हमारे काम को तवज्जो नहीं देते। विकास कार्यों को तेजी से शुरू कराया जाए, जिससे हम अपने एरिया में सरकार की उपलब्धियां गिना सकें।
जिला परिषद के 18 सदस्य शुक्रवार को वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु से मिलने पहुंचे। ब्लू बर्ड पर्यटन केंद्र में चेयरमैन ब्रह्मदेव स्याहडवा ने पार्षदों की कैप्टन से मीटिंग कराई। पार्षदों ने वित्तमंत्री के सामने अधिकारियों की ओर से अनदेखी की शिकायत रखी।
पार्षदों ने कहा कि अधिकारी हमारी बात नहीं सुनते। विकास कार्यों के लिए जाएं तो वहां तवज्जो नहीं देते। पंचायतों को साथ लेकर जाते हैं तो हमारी पूछ नहीं होती। विकास कार्य अब तक शुरू नहीं हो सके। दस दस लाख रुपये की ग्रांट जो जिला परिषद चुनाव से पहले जारी की गई थी उस पर भी काम नहीं हो रहे।
पार्षद प्रतिनिधि धर्मबीर गुराना ने गुराना गांव के पास करीब 150 एकड़ में भरे बरसात के पानी की निकासी का मुद्दा उठाया। कुछ पार्षदों ने पेयजल की समस्या से अवगत कराया। एक जिला पार्षद ने कहा कि सरपंच की बजाए जिला पार्षद के खाते में ग्रांट जारी की जाएं, जिससे पार्षद अपने एरिया में काम करा सकें।
वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने मौके पर मौजूद डीसी निखिल गजराज, एडीसी विजय कुमार ,डीएफएससी सुभाष सिहाग सहित अन्य अधिकारियों को निर्देश कि पार्षदों को पूरा सम्मान प्रदान करें। विकास कार्यों में देरी न होने दें। एडीसी को निर्देश दिए कि सप्ताह या महीने में पार्षदों के साथ एक मीटिंग जरूर रखें। जिसमें इन लोगों की ओर से मिले सुझावों पर गंभीरता से काम करें।
जिला परिषद में चुनकर आई यह टीम काम को लेकर काफी जागरूक है। कैप्टन अभिमन्यु ने पार्षदों से कहा कि अनैतिक काम लेकर अफसरों के पास न जाएं। विकास कार्यों के लिए, सार्वजनिक कामों के लिए किसी भी समय जाएं। वित्तमंत्री ने कहा कि जल्द ही ग्रांट जारी हो जाएगी। हर एक जिला परिषद सदस्य के एरिया में विकास कार्य होंगे।
इस मौके पर वाइस चेयरमैन मीना पाबड़ा, अरुणदत्त शर्मा, कृष्ण सरसाना, राजेश बगला, पार्षद प्रतिनिधि संजय कुमार, पार्षद प्रतिनिधि संजय बनभौरी सहित अन्य उपस्थित थे।